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संक्रामक रोग खसरा से बचाव को जरूरी है टीकाकरण
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:31 PM IST
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चंपावत। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने कहा है कि मिजिल्स (खसरा) संक्रामक रोग है। इससे बचाव के लिए खसरे का टीका लगाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को 11 सितंबर से पांच सप्ताह तक चलने वाले अभियान में नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को खसरे का टीका लगाने को प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जिला सभागार में हुई बैठक में निजी एवं सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों, मैनेजरों की बैठक में उन्होंने कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी, सीएचसी, पीएचसी के माध्यम से खसरे का टीका लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खसरा छूने, खांसने से संक्रमित होने वाली बीमारी है। टीका लगाकर बच्चों को इस बीमारी से मुक्त रखना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों के साथ निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शत प्रतिशत टीकाकरण कराने को कहा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.केसी ठाकुर ने खसरे के लक्षणों के संबंध में बताते हुए कहा कि खसरा होने पर पहले दिन से ही तेज बुखार के बने रहने के साथ बुखार 104 डिग्री तक पहुंच सकता है। साथ नाक का बहना, आंखों का लाल होना, बुखार होने के तीन-चार दिन के बाद शरीर में लाल दाने होते हैं जो त्वचा पर गहरे रंग के दाग छोड़ जाते हैं। बैठक में एसडीएम टनकपुर अनिल चन्याल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डीएस राजपूत, समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, डॉ.मंजीत सिंह, डॉ.आभाष, खंड शिक्षा अधिकारी लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, सभी बीआरसी सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास विभाग की लक्ष्मी पंत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ.भवानी सिंह उपस्थित थे।
जिला सभागार में हुई बैठक में निजी एवं सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों, मैनेजरों की बैठक में उन्होंने कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी, सीएचसी, पीएचसी के माध्यम से खसरे का टीका लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खसरा छूने, खांसने से संक्रमित होने वाली बीमारी है। टीका लगाकर बच्चों को इस बीमारी से मुक्त रखना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों के साथ निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शत प्रतिशत टीकाकरण कराने को कहा।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.केसी ठाकुर ने खसरे के लक्षणों के संबंध में बताते हुए कहा कि खसरा होने पर पहले दिन से ही तेज बुखार के बने रहने के साथ बुखार 104 डिग्री तक पहुंच सकता है। साथ नाक का बहना, आंखों का लाल होना, बुखार होने के तीन-चार दिन के बाद शरीर में लाल दाने होते हैं जो त्वचा पर गहरे रंग के दाग छोड़ जाते हैं। बैठक में एसडीएम टनकपुर अनिल चन्याल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डीएस राजपूत, समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, डॉ.मंजीत सिंह, डॉ.आभाष, खंड शिक्षा अधिकारी लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, सभी बीआरसी सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास विभाग की लक्ष्मी पंत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ.भवानी सिंह उपस्थित थे।
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