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हाईस्कूल का उच्चीकरण करो, वरना करेंगे आंदोलन
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टनकपुर (चंपावत)। तलियाबांज राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लामबंदी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में इंटर कॉलेज न होने से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। उन्होंने हाईस्कूल का उच्चीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सूखीढांग से लगे जिले के दुर्गम तलियाबांज क्षेत्र में हाईस्कूल तो है, लेकिन इंटर कॉलेज नहीं है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष कांतिबल्लभ जोशी, पीटीए अध्यक्ष हरीश जोशी का कहना है15 जून 2015 को टनकपुर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष यह मांग उठाई गई। फिर वर्ष 2017 में टनकपुर आए मौजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही क्षेत्रीय विधायक को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इंटर कॉलेज न होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए सूखीढांग, चंपावत या फिर टनकपुर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उच्चीकरण नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि तलियाबांज हाईस्कूल के उच्चीकरण का प्रस्ताव पिछले साल शासन को भेजा गया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही विद्यालय के उच्चीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
फोटो 05 टीएनपी 07 पी।
सूखीढांग से लगे जिले के दुर्गम तलियाबांज क्षेत्र में हाईस्कूल तो है, लेकिन इंटर कॉलेज नहीं है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष कांतिबल्लभ जोशी, पीटीए अध्यक्ष हरीश जोशी का कहना है15 जून 2015 को टनकपुर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष यह मांग उठाई गई। फिर वर्ष 2017 में टनकपुर आए मौजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही क्षेत्रीय विधायक को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इंटर कॉलेज न होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए सूखीढांग, चंपावत या फिर टनकपुर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उच्चीकरण नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि तलियाबांज हाईस्कूल के उच्चीकरण का प्रस्ताव पिछले साल शासन को भेजा गया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही विद्यालय के उच्चीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
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फोटो 05 टीएनपी 07 पी।