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पूर्णागिरि मेले में कम हुई श्रद्धालुओं की आवक, कारोबारी मायूस
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:36 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
मां श्री पूर्णागिरि मेले में इन दिनों श्रद्धालुओं की कम आवक से धाम क्षेत्र से मेले की रौनक गायब हो गई है। मेले से आय पर निर्भर कारोबारी मायूस हैं, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि मैदानी क्षेत्र में गेहूं के फसल की कटाई का काम निपटने के बाद एक बार फिर रौनक लौटेगी। इधर, बाहरी जिलों से आए पुलिस फोर्स को भी वापस भेजना शुरू कर दिया गया है।
मेला प्रशासन के मुताबिक इन दिनों अवकाश के दिनों को छोड़कर 24 घंटे में बमुश्किल पांच से सात हजार की संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का ग्राफ हर साल बीच-बीच में घटता-बढ़ता रहता है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल कटाई एवं बच्चों के स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया के चलते भीड़ कम है, लेकिन मई के पहले सप्ताह से फिर भीड़ बढ़ेगी। वहीं, सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि नैनीताल में पर्यटन सीजन शुरू होने एवं मेले में श्रद्धालुओं की आवक कम होने पर नैनीताल जिले का 80 प्रतिशत फोर्स वापस भेज दिया गया है, जबकि अन्य जिलों का फोर्स मेला ड्यूटी में रखा गया है।
मां श्री पूर्णागिरि मेले में इन दिनों श्रद्धालुओं की कम आवक से धाम क्षेत्र से मेले की रौनक गायब हो गई है। मेले से आय पर निर्भर कारोबारी मायूस हैं, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि मैदानी क्षेत्र में गेहूं के फसल की कटाई का काम निपटने के बाद एक बार फिर रौनक लौटेगी। इधर, बाहरी जिलों से आए पुलिस फोर्स को भी वापस भेजना शुरू कर दिया गया है।
मेला प्रशासन के मुताबिक इन दिनों अवकाश के दिनों को छोड़कर 24 घंटे में बमुश्किल पांच से सात हजार की संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का ग्राफ हर साल बीच-बीच में घटता-बढ़ता रहता है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल कटाई एवं बच्चों के स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया के चलते भीड़ कम है, लेकिन मई के पहले सप्ताह से फिर भीड़ बढ़ेगी। वहीं, सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि नैनीताल में पर्यटन सीजन शुरू होने एवं मेले में श्रद्धालुओं की आवक कम होने पर नैनीताल जिले का 80 प्रतिशत फोर्स वापस भेज दिया गया है, जबकि अन्य जिलों का फोर्स मेला ड्यूटी में रखा गया है।
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