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पानी भरने में बर्बाद हो रहा ज्यादातर वक्त
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sun, 25 Mar 2018 05:40 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय में पेयजल संकट लगातार बढ़ रहा है। अब अधिकांश इलाकों में पेयजल संकट लगातार गहरा रहा है। पेयजल स्रोत में पानी की कमी के चलते एक दिन छोड़ कर पानी बांटा जा रहा है, मगर यह पानी भी लोगों के लिए अपर्याप्त हो रहा है।
तल्लीहाट में महिलाएं पेयजल लाइन से बूंद-बूंद टपक रहे पानी को एकत्र कर रही हैं। यहां पेयजल लाइन में बेहद कम पानी आ रहा है। जिस वजह से यहां की महिलाओं का पूरा समय पानी भरने में बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा मल्लीहाट, भैरवा, गोरलचौड़ रोड, शांत बाजार, जीआईसी रोड, कनलगांव आदि इलाकों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। हैंडपंप से लोग रात में पानी भरने को मजबूर हैं। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि मुख्यालय में प्रतिदिन 16.20 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन बमुश्किल आधा पानी ही मिल पा रहा है। अलबत्ता अप्रैल से संकटग्रस्त इलाकों में वैकल्पिक उपाय किए जाएंगे।
तल्लीहाट में महिलाएं पेयजल लाइन से बूंद-बूंद टपक रहे पानी को एकत्र कर रही हैं। यहां पेयजल लाइन में बेहद कम पानी आ रहा है। जिस वजह से यहां की महिलाओं का पूरा समय पानी भरने में बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा मल्लीहाट, भैरवा, गोरलचौड़ रोड, शांत बाजार, जीआईसी रोड, कनलगांव आदि इलाकों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। हैंडपंप से लोग रात में पानी भरने को मजबूर हैं। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि मुख्यालय में प्रतिदिन 16.20 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन बमुश्किल आधा पानी ही मिल पा रहा है। अलबत्ता अप्रैल से संकटग्रस्त इलाकों में वैकल्पिक उपाय किए जाएंगे।
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