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सात सूत्रीय मांगों को अमलीजामा पहनाए सरकार
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:23 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई बैठक में सात सूत्रीय मांगों पर चर्चा की गई। इस दौरान 11 नवंबर को दिल्ली में होने वाली विशाल रैली को सफल बनाने पर भी चर्चा की गई।
आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रांतीय उपाध्यक्ष और चंपावत की जिलाध्यक्ष सरोज पुनेठा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर संगठन द्वारा लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन उनकी जायज मांगों की सरासर अनदेखी की जा रही है। आशाओं को कोरे आश्वासन देकर बरगलाया जा रहा है।
उनका कहना था कि मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए आशाओं की नियुक्ति की गई थी, लेकिन आज वह स्वास्थ्य विभाग के सभी अभियानों कि रीढ़ बन चुकी हैं। आशाओं से तमाम कार्य लिए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है।
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आशाओं ने उन्हेें राज्य कर्मचारी घोषित कर सातवें वेतन आयोग की न्यूनतम वेतन की सिफारिश के अनुरूप मासिक वेतन 18 हजार रुपये घोषित करने, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मारी गई गदरपुर ब्लॉक की आशा कार्यकर्ता रेखा देवी को मुआवजा देने के साथ ही ऐसी दुर्घटनाओं के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने आदि की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। बैठक में जिला सचिव पदमा प्रथोली, रीना सिंह, विमला गोस्वामी, हेमा जोशी, ममता, रुकमणि जोशी, पाटी ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय, बाराकोट ब्लॉक अध्यक्ष मंजू जोशी, सुनीता आदि मौजूद थी।
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आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रांतीय उपाध्यक्ष और चंपावत की जिलाध्यक्ष सरोज पुनेठा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर संगठन द्वारा लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन उनकी जायज मांगों की सरासर अनदेखी की जा रही है। आशाओं को कोरे आश्वासन देकर बरगलाया जा रहा है।
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उनका कहना था कि मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए आशाओं की नियुक्ति की गई थी, लेकिन आज वह स्वास्थ्य विभाग के सभी अभियानों कि रीढ़ बन चुकी हैं। आशाओं से तमाम कार्य लिए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है।
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आशाओं ने उन्हेें राज्य कर्मचारी घोषित कर सातवें वेतन आयोग की न्यूनतम वेतन की सिफारिश के अनुरूप मासिक वेतन 18 हजार रुपये घोषित करने, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मारी गई गदरपुर ब्लॉक की आशा कार्यकर्ता रेखा देवी को मुआवजा देने के साथ ही ऐसी दुर्घटनाओं के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने आदि की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। बैठक में जिला सचिव पदमा प्रथोली, रीना सिंह, विमला गोस्वामी, हेमा जोशी, ममता, रुकमणि जोशी, पाटी ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय, बाराकोट ब्लॉक अध्यक्ष मंजू जोशी, सुनीता आदि मौजूद थी।