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किसानों के ऋण माफी को प्रशिक्षित बेरोजगार भी मुखर
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:11 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)।
किसानों की ऋण माफी की मांग को लेकर प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन भी मुखर हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को बेरोजगार संगठन के मंडलीय उपाध्यक्ष उमेश गहतोड़ी की अध्यक्षता और त्रिभुवन मुरारी के संचालन में आयोजित बैठक में वक्ताओं का कहना था कि एक ओर सरकार बैंकों से करोड़ों का घोटाला करने वालों पर शिकंजा कस नहीं पा रही है, दूसरी ओर जंगली जानवर और दैवी प्रकोप से पीड़ित किसानों की सहायता करने के बजाय लगातार किसानों का उत्पीड़न करने पर तुली हुई है। वक्ताओं का कहना था कि सीमांत और पिछड़ा जिला होने के कारण गांव के लोग कृषि कार्य में लगे रहते हैं। जिसकी बदौलत वह अपने बच्चों का पालन पोषण करते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से किसानों की खेती अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखे से चौपट होती आ रही है। जिससे लोगों के लिए अन्न पैदा करने वाला किसान आज स्वयं भुखमरी की कगार में पहुंचता जा रहा है। बेरोजगारों ने कहा कि सरकार को गरीब किसानों की दिक्कतों को देखते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन देने के साथ इनके ऋण माफ करने चाहिए। बेरोजगारों का कहना था कि उनका संगठन किसानों के साथ खड़ा है, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता तब तक वे किसान हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर उमेश कालाकोटी, मनोज कुमार, प्रकाश नेगी, योगेश ओली, नवल किशोर, खुशाल सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों की ऋण माफी की मांग को लेकर प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन भी मुखर हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को बेरोजगार संगठन के मंडलीय उपाध्यक्ष उमेश गहतोड़ी की अध्यक्षता और त्रिभुवन मुरारी के संचालन में आयोजित बैठक में वक्ताओं का कहना था कि एक ओर सरकार बैंकों से करोड़ों का घोटाला करने वालों पर शिकंजा कस नहीं पा रही है, दूसरी ओर जंगली जानवर और दैवी प्रकोप से पीड़ित किसानों की सहायता करने के बजाय लगातार किसानों का उत्पीड़न करने पर तुली हुई है। वक्ताओं का कहना था कि सीमांत और पिछड़ा जिला होने के कारण गांव के लोग कृषि कार्य में लगे रहते हैं। जिसकी बदौलत वह अपने बच्चों का पालन पोषण करते हैं।
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उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से किसानों की खेती अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखे से चौपट होती आ रही है। जिससे लोगों के लिए अन्न पैदा करने वाला किसान आज स्वयं भुखमरी की कगार में पहुंचता जा रहा है। बेरोजगारों ने कहा कि सरकार को गरीब किसानों की दिक्कतों को देखते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन देने के साथ इनके ऋण माफ करने चाहिए। बेरोजगारों का कहना था कि उनका संगठन किसानों के साथ खड़ा है, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता तब तक वे किसान हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर उमेश कालाकोटी, मनोज कुमार, प्रकाश नेगी, योगेश ओली, नवल किशोर, खुशाल सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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