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रुपयों की कमी दे रही झटका
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:58 PM IST
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चंपावत। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा खूब गूंज रहा है, लेकिन ये नारा जमीनी तौर पर साकार नहीं हो पा रहा है। इंटर पास कर चुकीं सैकड़ों छात्राओं को तो उनके लिए जारी गौरा देवी कन्या धन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह धन की कमी का होना है।
बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने को सरकार ने गौरा देवी कन्या धन योजना शुरू की। इसके अंतर्गत इंटर पास करने वाली एपीएल वर्ग की छात्राओं को छोड़ शेष सभी को 50 हजार रुपये की सावधि जमा (एफडी) दी जाती है। मगर चंपावत जिले में 2016 में इंटर कर चुकीं 1284 छात्राओं में से 54 प्रतिशत छात्राओं को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पिछले साल गौरा देवी कन्या धन योजना के तहत 1284 आवेदन आए थे। लेकिन अब तक योजना की राशि महज 589 को ही दी जा सकी है। 695 बालिकाओं को एक साल से अधिक बीतने के बावजूद योजना के लाभ का इंतजार है। इसके लिए छात्राएं या उनके अभिभावक समाज कल्याण विभाग के कई बार चक्कर भी काट चुके हैं। धन मिलने में देरी से इन छात्राओं को एफडी के पूरा होने में भी अधिक समय लगेगा।
कोट
2016 में इंटर पास कर चुकीं 695 छात्राओं को फिलहाल गौरा देवी कन्या धन योजना का लाभ नहीं मिल सका है। बजट नहीं मिलने से उन्हें एफडी नहीं दी जा सकी है। इन छात्राओं को योजना का लाभ देने के लिए 3.475 करोड़ रुपये की मांग की गई है। -बंशीधर पंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चंपावत।
बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने को सरकार ने गौरा देवी कन्या धन योजना शुरू की। इसके अंतर्गत इंटर पास करने वाली एपीएल वर्ग की छात्राओं को छोड़ शेष सभी को 50 हजार रुपये की सावधि जमा (एफडी) दी जाती है। मगर चंपावत जिले में 2016 में इंटर कर चुकीं 1284 छात्राओं में से 54 प्रतिशत छात्राओं को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पिछले साल गौरा देवी कन्या धन योजना के तहत 1284 आवेदन आए थे। लेकिन अब तक योजना की राशि महज 589 को ही दी जा सकी है। 695 बालिकाओं को एक साल से अधिक बीतने के बावजूद योजना के लाभ का इंतजार है। इसके लिए छात्राएं या उनके अभिभावक समाज कल्याण विभाग के कई बार चक्कर भी काट चुके हैं। धन मिलने में देरी से इन छात्राओं को एफडी के पूरा होने में भी अधिक समय लगेगा।
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कोट
2016 में इंटर पास कर चुकीं 695 छात्राओं को फिलहाल गौरा देवी कन्या धन योजना का लाभ नहीं मिल सका है। बजट नहीं मिलने से उन्हें एफडी नहीं दी जा सकी है। इन छात्राओं को योजना का लाभ देने के लिए 3.475 करोड़ रुपये की मांग की गई है। -बंशीधर पंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चंपावत।
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