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बच्चों की बेहतर शिक्षा में माताओं की भूमिका अहम
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:58 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
लाला चंभाराम विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मातृ सम्मेलन आयोजित कर बच्चों के लालन-पालन एवं शिक्षा पर चर्चा की गई। कहा गया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में माताओं की भूमिका अहम होती है। इस दौरान माताओं को खसरा-रुबैला टीकाकरण अभियान के फायदे बताए गए। सम्मेलन का शुभारंभ बसंती देवी, प्रधानाचार्य राकेश पांडेय, प्रबंधक दरबान सिंह करायत, डॉ. संजय, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, पूर्व ग्राम प्रधान कमला चंद ने दीप जलाकर किया।
विद्यालय सभागार में बसंती देवी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में माताओं ने बच्चों एवं शिक्षकों के बारे में विचार रखते हुए बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के सुझाव दिए। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला ने कहा अभिभावक भी शिक्षकों के बराबर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, ताकि बच्चों की शिक्षा में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रधानाचार्य राकेश पांडेय ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की दिनचर्या एवं उनके आहार-व्यवहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय ने माताओं को खसरा एवं रुबैला टीकाकरण अभियान के महत्व के बारे में बताया और अपने 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को हर हाल में टीके लगाने की प्रेरणा दी।
लाला चंभाराम विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मातृ सम्मेलन आयोजित कर बच्चों के लालन-पालन एवं शिक्षा पर चर्चा की गई। कहा गया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में माताओं की भूमिका अहम होती है। इस दौरान माताओं को खसरा-रुबैला टीकाकरण अभियान के फायदे बताए गए। सम्मेलन का शुभारंभ बसंती देवी, प्रधानाचार्य राकेश पांडेय, प्रबंधक दरबान सिंह करायत, डॉ. संजय, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, पूर्व ग्राम प्रधान कमला चंद ने दीप जलाकर किया।
विद्यालय सभागार में बसंती देवी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में माताओं ने बच्चों एवं शिक्षकों के बारे में विचार रखते हुए बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के सुझाव दिए। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला ने कहा अभिभावक भी शिक्षकों के बराबर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, ताकि बच्चों की शिक्षा में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रधानाचार्य राकेश पांडेय ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की दिनचर्या एवं उनके आहार-व्यवहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय ने माताओं को खसरा एवं रुबैला टीकाकरण अभियान के महत्व के बारे में बताया और अपने 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को हर हाल में टीके लगाने की प्रेरणा दी।
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