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दिगालीचौड़ में डोला यात्रा के साथ तीन दिनी महोत्सव संपन्न
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:34 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। दिगालीचौड़ में डोला यात्रा में मंदिर की परिक्रमा करने के साथ तीन दिनी महोत्सव का समापन हुआ। इस मौके पर रविवार को बिंडा तिवारी गांव से ब्रह्म देवता की डोला यात्रा निकली। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डोला यात्रा में शिरकत कर ब्रह्म देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। सोमवार को ब्रह्म देव मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया।
ब्रहमखल में देव गद्दी लगी, जहां देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण कर आशीर्वाद दिया। ब्रहम देवता के रूप में अवरित डांगर बबलू तिवारी श्रद्धालुओं के साथ रथ के साथ जवानी गढ़ के बाद ढुंगाबोरा तक गए। जहां पर हुल्का देवी का मायका बताया जाता है। देवता का श्रृंगार करने के बाद श्रद्धालु देव डांगर को कंधे में लेकर जवानी गढ़ तक लाए। रथ में सवार ब्रहमदेवता ने अपने गण और श्रद्धालुओं के साथ ढाई किमी की सीधी चढ़ाई पार करते हुए ब्रह्म
देव मंदिर में आए। इस मौके पर राजेंद्र बिष्ट द्वारा लगाए गए भंडारे में सैंकडों श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। मेले में दिगालीचौड़, बिंडा तिवारी, ढुंगा, चौंडला, नाकोट खोलिया, पटौली, खिलपिती, मानाढुंगा, बांकू, कमलेडी आदि स्थानों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस का बंदोबस्त किया गया था। आयोजन में महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोनू बिष्ट, सुरेश तिवारी, हरि अधिकारी, पूरन चंद्र, शिवराज बिष्ट, केशव अधिकारी, प्रेम बिष्ट, नेत्र राम ने सहयोग किया।
ब्रहमखल में देव गद्दी लगी, जहां देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण कर आशीर्वाद दिया। ब्रहम देवता के रूप में अवरित डांगर बबलू तिवारी श्रद्धालुओं के साथ रथ के साथ जवानी गढ़ के बाद ढुंगाबोरा तक गए। जहां पर हुल्का देवी का मायका बताया जाता है। देवता का श्रृंगार करने के बाद श्रद्धालु देव डांगर को कंधे में लेकर जवानी गढ़ तक लाए। रथ में सवार ब्रहमदेवता ने अपने गण और श्रद्धालुओं के साथ ढाई किमी की सीधी चढ़ाई पार करते हुए ब्रह्म
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देव मंदिर में आए। इस मौके पर राजेंद्र बिष्ट द्वारा लगाए गए भंडारे में सैंकडों श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। मेले में दिगालीचौड़, बिंडा तिवारी, ढुंगा, चौंडला, नाकोट खोलिया, पटौली, खिलपिती, मानाढुंगा, बांकू, कमलेडी आदि स्थानों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस का बंदोबस्त किया गया था। आयोजन में महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोनू बिष्ट, सुरेश तिवारी, हरि अधिकारी, पूरन चंद्र, शिवराज बिष्ट, केशव अधिकारी, प्रेम बिष्ट, नेत्र राम ने सहयोग किया।
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