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ेवीके में किसानों को उन्नत खेती की जानकारी दी
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:51 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के तरीके बताए। मंगलवार को उद्यान विभाग की पहल पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में हुए प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने किया।
सीडीओ एसएस बिष्ट की अध्यक्षता और एडीओ (उद्यान) भूपेंद्र प्रकाश जोशी के संचालन में हुए प्रशिक्षण में पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रो.पीके सिंह ने सूक्ष्म सिंचाई मिशन की जानकारी दी। कहा कि कम क्षेत्रफल में बेहतर उत्पादन के लिए तकनीकी रूप से डिप सिंचाई और कलर प्रणाली का अपनाए जाने से पैदावार बेहतर होती है। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्य और एडीएचओ अरुण पांडेय ने कहा कि विभाग काश्तकारों को सिंचाई के लिए अनुदान दे रहा है।
परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट ने कहा कि पॉलीहाउस में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने से उत्पादन और आय में इजाफा मुमकिन है। कृषि वैज्ञानिक डॉ.एमपी सिंह ने कहा कि पौध सुरक्षा कार्यक्रम को समय-समय पर अपनाने से कीटों की आसानी से रोकथाम की जा सकती है। इस मौके पर एडीओ बची राम पांडेय, मेहरबान सिंह, बीएस राणा, प्रदीप पचौली, मनीष कुमार, निधि जोशी, मंजू टम्टा सहित कई काश्तकार मौजूद थे।
सीडीओ एसएस बिष्ट की अध्यक्षता और एडीओ (उद्यान) भूपेंद्र प्रकाश जोशी के संचालन में हुए प्रशिक्षण में पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रो.पीके सिंह ने सूक्ष्म सिंचाई मिशन की जानकारी दी। कहा कि कम क्षेत्रफल में बेहतर उत्पादन के लिए तकनीकी रूप से डिप सिंचाई और कलर प्रणाली का अपनाए जाने से पैदावार बेहतर होती है। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्य और एडीएचओ अरुण पांडेय ने कहा कि विभाग काश्तकारों को सिंचाई के लिए अनुदान दे रहा है।
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परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट ने कहा कि पॉलीहाउस में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने से उत्पादन और आय में इजाफा मुमकिन है। कृषि वैज्ञानिक डॉ.एमपी सिंह ने कहा कि पौध सुरक्षा कार्यक्रम को समय-समय पर अपनाने से कीटों की आसानी से रोकथाम की जा सकती है। इस मौके पर एडीओ बची राम पांडेय, मेहरबान सिंह, बीएस राणा, प्रदीप पचौली, मनीष कुमार, निधि जोशी, मंजू टम्टा सहित कई काश्तकार मौजूद थे।
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