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मनरेगा के तहत आधे अधूरे कार्यो पर सीडीओ नाराज
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:53 PM IST
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चंपावत। मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे 1299 कार्यों के सापेक्ष कई कार्यों के अधूरे होने पर नाराजगी व्यक्त की है। विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए दीर्घकालीन कार्यों को छोड़कर अवशेष कार्यों को प्रत्येक दशा में मार्च अंतिम सप्ताह तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन विभागों द्वारा दीर्घकालीन कार्यों को छोड़कर छोटे-छोटे कार्यों को मार्च तक पूर्ण नहीं किया जाएगा उन्हें वर्ष 2018-19 में मनरेगा के तहत धनराशि आवंटित नहीं की जाएगी।
जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि ग्रामीण निर्माण विभाग के तहत मेरा गांव मेरी सड़क के आठ, हिमोत्थान के 119, ग्राम्य विकास के तहत इंदिरा आवास के 270, मत्स्य विभाग के शीतजल के 43, ग्राम्य विकास विभाग के तालाब निर्माण के 40, बीएडीपी के 62, स्वच्छ भारत मिशन के 100, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के 38, चाय विकास बोर्ड के 20, पशुपालन के 132, उद्यान के 170 तथा कृषि के 203 कार्यों के सापेक्ष दीर्घकालीन कार्यों को छोड़कर विभाग 70 प्रतिशत ही कार्यों को पूर्ण करा सके हैं। बैठक में सीईओ आरसी पुरोहित, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीएस जंगपांगी, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, ईई जल संस्थान अशोक कुमार, ईई लघु सिंचाई प्रशांत कुमार, भेषज समन्वयक राकेश वर्मा सहित जलनिगम, मत्स्य, जलागम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
पीने के पानी एवं खेतों की सिंचाई को वरीयता दें
चंपावत। सीडीओ ने जल संस्थान, जल निगम, लघु एवं राजकीय सिंचाई के अधिकारियों को विशेष चेतावनी दी है कि पीने के पानी एवं खेतों की सिंचाई को वरीयता दें। क्योंकि पानी आदमी की पहली जरूरत है। उन्होंने आम आदमी को रोजगार से जोड़ने वाले कार्यों को वरीयता में लेने और वर्ष 2018-19 के लिए 15 जनवरी तक प्रस्ताव जिला विकास अधिकारी को प्रस्तुत करने को कहा।
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बंद स्कूल भवनों में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
चंपावत। सीडीओ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बंद हुए स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। जिससे उन स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में चहारदीवारी, मैदान, वाटर हार्वेस्टिंग, शौचालय के कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि ग्रामीण निर्माण विभाग के तहत मेरा गांव मेरी सड़क के आठ, हिमोत्थान के 119, ग्राम्य विकास के तहत इंदिरा आवास के 270, मत्स्य विभाग के शीतजल के 43, ग्राम्य विकास विभाग के तालाब निर्माण के 40, बीएडीपी के 62, स्वच्छ भारत मिशन के 100, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के 38, चाय विकास बोर्ड के 20, पशुपालन के 132, उद्यान के 170 तथा कृषि के 203 कार्यों के सापेक्ष दीर्घकालीन कार्यों को छोड़कर विभाग 70 प्रतिशत ही कार्यों को पूर्ण करा सके हैं। बैठक में सीईओ आरसी पुरोहित, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीएस जंगपांगी, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, ईई जल संस्थान अशोक कुमार, ईई लघु सिंचाई प्रशांत कुमार, भेषज समन्वयक राकेश वर्मा सहित जलनिगम, मत्स्य, जलागम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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पीने के पानी एवं खेतों की सिंचाई को वरीयता दें
चंपावत। सीडीओ ने जल संस्थान, जल निगम, लघु एवं राजकीय सिंचाई के अधिकारियों को विशेष चेतावनी दी है कि पीने के पानी एवं खेतों की सिंचाई को वरीयता दें। क्योंकि पानी आदमी की पहली जरूरत है। उन्होंने आम आदमी को रोजगार से जोड़ने वाले कार्यों को वरीयता में लेने और वर्ष 2018-19 के लिए 15 जनवरी तक प्रस्ताव जिला विकास अधिकारी को प्रस्तुत करने को कहा।
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बंद स्कूल भवनों में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
चंपावत। सीडीओ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बंद हुए स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। जिससे उन स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में चहारदीवारी, मैदान, वाटर हार्वेस्टिंग, शौचालय के कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करें।