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चार माह से बिना वेतन काम कर रहे बीएसएनएल ठेका श्रमिक
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बनबसा (चंपावत)। बीएसएनएल के ठेका श्रमिक पिछले चार माह से बिना मेहनताना काम कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। बनबसा, टनकपुर और खटीमा में काम कर रहे करीब दस श्रमिकों को पिछले वर्ष दिसंबर से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। पिछले चार माह से वेतन नहीं मिलने से बीएसएनएल ठेका कर्मी परेशान हैं।
श्रमिकों के नेता जय सिंह चौहान ने बताया कि हल्द्वानी रीजन में कार्यरत 120 श्रमिकों को पिछले चार माह से उनका मेहनताना नहीं मिला है। बताया गया है कि हल्द्वानी क्षेत्र के कई स्थानों पर बीएसएनएल के ठेका श्रमिकों ने काम पर जाने से मना कर दिया है। इधर बनबसा, टनकपुर और खटीमा के श्रमिक अभी बिना वेतन के काम कर रहे हैं।
बनबसा के एक श्रमिक का कहना है कि अब उन्हें बाजार में दैनिक उपभोग की वस्तुएं उधार पर मिलनी बंद हो गई हैं। श्रमिक दुर्गेश शुक्ला ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह सात हजार रुपये का भुगतान किया जाता है जो नाकाफी है।
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ठेकेदार की ओर से उन्हें ईपीएफ काटकर करीब नौ हजार रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। बीएसएनएल के एक अधिकारी ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि उक्त ठेका श्रमिकों का मेहनताना (वेतन) ठेकेदार की ओर से दिया जाता है। बजट नहीं होने से ठेकेदार का भुगतान नहीं किया गया है जिससे श्रमिकों का मेहनताना रुका हुआ है।
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श्रमिकों के नेता जय सिंह चौहान ने बताया कि हल्द्वानी रीजन में कार्यरत 120 श्रमिकों को पिछले चार माह से उनका मेहनताना नहीं मिला है। बताया गया है कि हल्द्वानी क्षेत्र के कई स्थानों पर बीएसएनएल के ठेका श्रमिकों ने काम पर जाने से मना कर दिया है। इधर बनबसा, टनकपुर और खटीमा के श्रमिक अभी बिना वेतन के काम कर रहे हैं।
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बनबसा के एक श्रमिक का कहना है कि अब उन्हें बाजार में दैनिक उपभोग की वस्तुएं उधार पर मिलनी बंद हो गई हैं। श्रमिक दुर्गेश शुक्ला ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह सात हजार रुपये का भुगतान किया जाता है जो नाकाफी है।
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ठेकेदार की ओर से उन्हें ईपीएफ काटकर करीब नौ हजार रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। बीएसएनएल के एक अधिकारी ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि उक्त ठेका श्रमिकों का मेहनताना (वेतन) ठेकेदार की ओर से दिया जाता है। बजट नहीं होने से ठेकेदार का भुगतान नहीं किया गया है जिससे श्रमिकों का मेहनताना रुका हुआ है।