फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   पर्यावरण बचाने को गिद्धों का संरक्षण जरूरी

पर्यावरण बचाने को गिद्धों का संरक्षण जरूरी

Thu, 20 Sep 2018 05:52 PM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 05:52 PM IST
विज्ञापन
पर्यावरण बचाने को गिद्धों का संरक्षण जरूरी
पर्यावरण बचाने को गिद्धों का संरक्षण जरूरी
विज्ञापन

गिद्धों के संरक्षण को लेकर हल्द्वानी जू एंड सफारी ने आयोजित की कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
टनकपुर (चंपावत)। गिद्धों का मिटता अस्तित्व पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा खतरा है। जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव रोकने को गिद्धों का संरक्षण जरूरी है। केंद्र सरकार की इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ वाइल्ड लाइफ हैबीटेट्स योजना के तहत विशेषज्ञों की टीम ने बृहस्पतिवार को यहां एक दिनी कार्यशाला लगाकर वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गिद्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

हल्द्वानी जू एंड सफारी के तत्वावधान में उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गिद्धों के संरक्षण, चुनौतियां और निवारण विषय पर हुई कार्यशाला में हल्द्वानी चिड़ियाघर एवं सफारी के उप निदेशक सहायक वन संरक्षक जेएस कार्की, डब्ल्यूूडब्ल्यूूआई के एजाज हुसैन, चिड़ियाघर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह कैड़ा, जयप्रताप सिंह ने गिद्धों के बारे में जानकारी दी। कहा कि दुनिया में गिद्धों की 23 प्रजातियां एवं भारत में 9 प्रजातियां पाई जाती है। इनमें भी आठ प्रजातियां उत्तराखंड में हैं। भोजन की तलाश में सौ से डेढ़ सौ किमी की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ने वाला मृत मांसभक्षी यह पक्षी एक बार में दो किलो तक मांस खाता है और 15 से 20 दिनों तक बगैर भोजन के रह सकता है। उन्होंने बताया कि गिद्धों की आयु 70 से 75 साल तक होती है, लेकिन आज गिद्धों की विलुप्ति बड़ी चिंता का विषय है। कार्यशाला में चंपावत वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा शारदा, खटीमा, बूम, दोगाड़ी, किलपुरा रेंज के अधिकारियों, कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन


फोटो 20 टीएनपी 11 व 12 पी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed