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सड़क नही तो वोट नही,अब होगी आरपार की लड़ाई
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:28 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव भैंसाझाला के ग्रामीण वर्षों से एक सड़क के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन के समक्ष ग्रामीण संपर्क मार्ग निर्माण की कई बार मांग रखी, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। इस बार ग्रामीणों ने सड़क निर्माण न होने पर किसी भी मतदान में मतदान न करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर दिया है।
क्षेत्र के दूरस्थ गढ़ीगोठ क्षेत्र के गुदमी ग्रामसभा अंतर्गत नेपाल सीमा से सटे मझगांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। मझगांव वासियों को बरसात में कीचड़, जलभराव युक्त कच्चे मार्ग से आवागमन में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामप्रधान अरुण कुमार ने बताया कि संपर्क मार्ग के आवागमन के लिए उपयुक्त न होने से किसान अपनी फसल तक बाजार नहीं पहुंचा पाते। ट्रैक्टर ट्रॉली के कीचड़ युक्त कच्चे मार्ग में फंसने के कारण उन्हें परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। बीडीसी सदस्य महेश जोशी ने बताया कि कीचड़ सने मार्ग पर पैदल चलना भी खतरनाक रहता है। ग्रामीणों को सांप, जोंक आदि से भी जूझना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन, प्रशासन से कई बार कहा गया लेकिन उन्हें आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। जिला पंचायत से भी कई बार ग्रामीण संपर्क मार्ग निर्माण की मांग रखी गई लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। देवकी देवी, भागीरथी देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, जमुना देवी, दीपा देवी, पुष्पा देवी, माधवी देवी, शकुंतला देवी, आशा, लक्ष्मी, राधिका, पूरन सिंह आदि ने सड़क के लिए मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
सड़क नहीं तो वोट नहीं, अब होगी आरपार की लड़ाई
वर्षों से एक अदद सड़क को तरस रहे हैं भैंसाझाला वासी
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क्षेत्र के दूरस्थ गढ़ीगोठ क्षेत्र के गुदमी ग्रामसभा अंतर्गत नेपाल सीमा से सटे मझगांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। मझगांव वासियों को बरसात में कीचड़, जलभराव युक्त कच्चे मार्ग से आवागमन में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामप्रधान अरुण कुमार ने बताया कि संपर्क मार्ग के आवागमन के लिए उपयुक्त न होने से किसान अपनी फसल तक बाजार नहीं पहुंचा पाते। ट्रैक्टर ट्रॉली के कीचड़ युक्त कच्चे मार्ग में फंसने के कारण उन्हें परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। बीडीसी सदस्य महेश जोशी ने बताया कि कीचड़ सने मार्ग पर पैदल चलना भी खतरनाक रहता है। ग्रामीणों को सांप, जोंक आदि से भी जूझना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन, प्रशासन से कई बार कहा गया लेकिन उन्हें आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। जिला पंचायत से भी कई बार ग्रामीण संपर्क मार्ग निर्माण की मांग रखी गई लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। देवकी देवी, भागीरथी देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, जमुना देवी, दीपा देवी, पुष्पा देवी, माधवी देवी, शकुंतला देवी, आशा, लक्ष्मी, राधिका, पूरन सिंह आदि ने सड़क के लिए मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
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सड़क नहीं तो वोट नहीं, अब होगी आरपार की लड़ाई
वर्षों से एक अदद सड़क को तरस रहे हैं भैंसाझाला वासी