{"_id":"5adb6fe44f1c1b320a8b5c25","slug":"101524330468-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो जून से शुरू हो सकेगा चंपावत का रक्त कोष!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो जून से शुरू हो सकेगा चंपावत का रक्त कोष!
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) तक जिला अस्पताल का रक्त कोष (ब्लड बैंक) शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। 28 मार्च को केंद्र से जांच को आए दल द्वारा बताई तीन खामियों को दूर करने के लिए जिला अस्पताल ने पहल की है। इनके निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से आगणन बनाने को कहा गया है।
चंपावत में 2012 से बने ब्लड बैंक भवन के बावजूद रक्त कोष शुरू नहीं हो पाया है। पिछले महीने दवा निरीक्षक सुनीति चौधरी के नेतृत्व में केंद्र से आई टीम ने रक्त कोष की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। टीम ने उपकरणों सहित यहां की व्यवस्था को आमतौर पर ठीक पाया। अलबत्ता तीन मामूली खामी को दूर करने के निर्देश दिए। इसे दूर करने के बाद तुरंत रक्त कोष संचालन का लाइसेंस दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
रक्त कोष भवन में बाहर शौचालय का निर्माण, एलमुनियम के दरवाजे लगाने के साथ जनरेटर में जाली लगाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि इन तीनों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से आगणन बनाने को पत्र भेजा गया है। इस काम को एक माह के भीतर पूरा करा दिया जाएगा। काम पूरा होने की जानकारी केंद्र सरकार की टीम को भेजने के बाद लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। बता दें कि इस वक्त जिला अस्पताल में रक्त संग्रहण (ब्लड स्टोरेज) केंद्र से इमरजेंसी में खून की उपलब्धता कराई जा रही है।
विज्ञापन
बिजली बिल को छह लाख रुपये की मांग की
चंपावत जिला अस्पताल के रक्त संग्रहण केंद्र (ब्लड स्टोरेज) का 24 मार्च को एक दिन के लिए कनेक्शन कटा था। बाद में सशर्त यहां के कनेक्शन को जोड़ दिया गया था। अब अस्पताल ने बिजली बिल की 1.30 लाख रुपये की बकाया राशि में से 65 हजार रुपये जमा करा दिया है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि रक्त कोष के 65 हजार सहित जिला अस्पताल के बिल के भुगतान के लिए मुख्यालय से 6 लाख रुपये की मांग की गई है।