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प्रशासन के पास नहीं सेनानी आश्रितों की सूची
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:58 PM IST
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चंपावत। जिले में स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को कुटुंब पेंशन योजना का लाभ मिलना तो शुरू हो गया है, लेकिन सेनानियों की दूसरी पीढ़ी के आश्रितों (पौत्र-पौत्री) की जानकारी जिला प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने के कारण सेनानी आश्रितों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है।
जिले के जाख धौनी शिलिंग के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. लाल सिंह के पुत्र गुमान सिंह की ओर से आरटीआई के तहत सेनानियों के आश्रितों की सूची मांगी गई थी। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि सेनानियों की दूसरी पीढ़ी के उत्तराधिकारियों की सूचना संकलित नहीं है। गुमान सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से सेनानियों की दूसरी पीढ़ी के आश्रितों के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन उनकी सूची संकलित नहीं की जाती है।
उन्होंने इस मामले को लेकर डीएम से मुलाकात कर जानकारी दी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर सेनानियों के आश्रितों के कल्याण के लिए विभिन्न घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन उन्हें अमलीजामा पहनाए जाने में हीलाहवाली बरती जाती है।
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जिले के जाख धौनी शिलिंग के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. लाल सिंह के पुत्र गुमान सिंह की ओर से आरटीआई के तहत सेनानियों के आश्रितों की सूची मांगी गई थी। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि सेनानियों की दूसरी पीढ़ी के उत्तराधिकारियों की सूचना संकलित नहीं है। गुमान सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से सेनानियों की दूसरी पीढ़ी के आश्रितों के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन उनकी सूची संकलित नहीं की जाती है।
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उन्होंने इस मामले को लेकर डीएम से मुलाकात कर जानकारी दी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर सेनानियों के आश्रितों के कल्याण के लिए विभिन्न घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन उन्हें अमलीजामा पहनाए जाने में हीलाहवाली बरती जाती है।
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