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बनबसा में नही हो पाई है धान की खरीद
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:43 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। बनबसा में धान खरीद केंद्र स्थापित होने के दस दिन बाद भी खरीद नही हो पाई है। हालांकि क्षेत्र में आधे से अधिक कृषि भूमि पर धान की फसल की कटाई और मढ़ाई हो चुकी है। बताया जा रहा है कि कुछ किसान त्योहारों के चलते सस्ते में व्यापारियों को खेतों से ही सीधे धान बेच रहे हैं।
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल के निर्देश पर बनबसा में 3 अक्तूबर को स्ट्रांगफार्म में धान क्रय केंद्र स्थापित कर दिया गया था। लेकिन अभी केंद्र में धान की खरीद शुरू नही हो पाई है। साधन सहकारी समिति के डिगर चंद ने बताया कि अभी शासन से धान खरीद का लक्ष्य और काश्तकारों की सूची (लिस्ट) नही प्राप्त हुई है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे अपना धान पूरी तरह से सुखा कर ही खरीद केंद्र में लाऐं।
बताया कि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नही होनी चाहिए। जिन धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई जाएगी उसे नही खरीदा जाएगा। प्रगतिशील और राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त किसान पुष्कर कापड़ी ने बताया कि त्योहारों और नकद पैसा मिलने के चलते कई किसान अपना धान व्यापारियों के हाथों एक हजार रुपये प्रति कुंटल बेच रहे हैं। जबकि सरकारी रेट प्रति क्विंटल (कामन धान) 1550 रुपये निर्धारित किया है। किसान हेमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सरकारी कठोर खरीद मानकों के चलते भी किसान सस्ते में धान बेचने को विवश है। बताया जा रहा है कि इस बार किसान को खरीद केंद्र में धान लाने के साथ ही भूमि के कागजात भी साथ लाने होंगे।
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल के निर्देश पर बनबसा में 3 अक्तूबर को स्ट्रांगफार्म में धान क्रय केंद्र स्थापित कर दिया गया था। लेकिन अभी केंद्र में धान की खरीद शुरू नही हो पाई है। साधन सहकारी समिति के डिगर चंद ने बताया कि अभी शासन से धान खरीद का लक्ष्य और काश्तकारों की सूची (लिस्ट) नही प्राप्त हुई है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे अपना धान पूरी तरह से सुखा कर ही खरीद केंद्र में लाऐं।
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बताया कि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नही होनी चाहिए। जिन धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई जाएगी उसे नही खरीदा जाएगा। प्रगतिशील और राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त किसान पुष्कर कापड़ी ने बताया कि त्योहारों और नकद पैसा मिलने के चलते कई किसान अपना धान व्यापारियों के हाथों एक हजार रुपये प्रति कुंटल बेच रहे हैं। जबकि सरकारी रेट प्रति क्विंटल (कामन धान) 1550 रुपये निर्धारित किया है। किसान हेमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सरकारी कठोर खरीद मानकों के चलते भी किसान सस्ते में धान बेचने को विवश है। बताया जा रहा है कि इस बार किसान को खरीद केंद्र में धान लाने के साथ ही भूमि के कागजात भी साथ लाने होंगे।
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