{"_id":"623f177afed70e413137fcce","slug":"women-who-played-an-important-role-in-chipko-movement-honored-gopeshwar-news-drn407342149","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिपको आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली महिलाएं सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिपको आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली महिलाएं सम्मानित
विज्ञापन
जोशीमठ के रैणी गांव में चिपको आंदोलन से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित करते कुलपति डा. यूएस रावत।
- फोटो : GOPESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऐतिहासिक रैणी गांव में चिपको आंदोलन की 48वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। शनिवार को नीती-माणा गौरा देवी पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक विकास समिति की ओर से रैणी गांव में एक समारोह आयोजित कर चिपको आंदोलन में गौरा देवी के साथ अहम भूमिका निभाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरुराम राय विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने चिपको आंदोलन आज विश्व के पटल पर अपनी पहचान बना चुका है।
कार्यक्रम में सबसे पहले रैणी गांव में गौरा देवी की प्रतिमा को स्थापित किया गया। गत वर्ष आपदा के दौरान गौरा देवी की प्रतिमा को सुरक्षित निकालकर जोशीमठ तहसील में सुरक्षित रख दिया गया था, शनिवार को पुन: गौरा देवी की प्रतिमा को गांव में स्थापित कर दिया गया। इस दौरान चिपको आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली बाली देवी, डोका देवी, उखा देवी, कल्ली देवी, जूठी देवी, मंगूली देवी और जूठेली देवी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्यमंत्री रामकृष्ण रावत, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, शंकर सिंह रावत, नंदा देवी नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल, जोशीमठ महाविद्यालय के प्राचार्य डा. बीएन खाली, ग्राम प्रधान भवान सिंह, ठाकुर सिंह राणा, लक्ष्मण फरकिया आदि मौजूद थे।
आज भी पेड़ों पर चिपकने का दिन याद है...
जोशीमठ। चिपको आंदोलन में गैरा देवी के साथ रखी बाली देवी ने चिपको आंदोलन के कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज भी वह दिन याद है, जब गांव के पथरीले रास्तों से ठेकेदार और उनके मजदूर हाथ में कुल्हाड़ी, आरी लेकर जंगल की ओर बढ़ रहे थे, तो महिलाओं ने एकजुट होकर पेड़ों पर चिपक कर ठेकेदार व उसके लोगों को जंगल से भागने पर मजबूर कर दिया था। इस दौरान महिलाओं ने जंगलों के संरक्षण का संकल्प लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में सबसे पहले रैणी गांव में गौरा देवी की प्रतिमा को स्थापित किया गया। गत वर्ष आपदा के दौरान गौरा देवी की प्रतिमा को सुरक्षित निकालकर जोशीमठ तहसील में सुरक्षित रख दिया गया था, शनिवार को पुन: गौरा देवी की प्रतिमा को गांव में स्थापित कर दिया गया। इस दौरान चिपको आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली बाली देवी, डोका देवी, उखा देवी, कल्ली देवी, जूठी देवी, मंगूली देवी और जूठेली देवी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्यमंत्री रामकृष्ण रावत, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, शंकर सिंह रावत, नंदा देवी नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल, जोशीमठ महाविद्यालय के प्राचार्य डा. बीएन खाली, ग्राम प्रधान भवान सिंह, ठाकुर सिंह राणा, लक्ष्मण फरकिया आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
आज भी पेड़ों पर चिपकने का दिन याद है...
जोशीमठ। चिपको आंदोलन में गैरा देवी के साथ रखी बाली देवी ने चिपको आंदोलन के कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज भी वह दिन याद है, जब गांव के पथरीले रास्तों से ठेकेदार और उनके मजदूर हाथ में कुल्हाड़ी, आरी लेकर जंगल की ओर बढ़ रहे थे, तो महिलाओं ने एकजुट होकर पेड़ों पर चिपक कर ठेकेदार व उसके लोगों को जंगल से भागने पर मजबूर कर दिया था। इस दौरान महिलाओं ने जंगलों के संरक्षण का संकल्प लिया था।
विज्ञापन