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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चोपता की महिलाएं प्रथम
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शौर्य महोत्सव में गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां देते लोकगायक किशन महिपाल।
- फोटो : KARNPRYAG
शौर्य महोत्सव के अंतिम दिन चोपता, बेथरा, लोदला की महिलाओं ने शानदार नंदा देवी राजजात की झांकी निकालकर महोत्सव को नंदामय बना दिया। जबकि महोत्सव में गढ़वाली लोक गायक किशन महिपाल ने गीतों की प्रस्तुति दी जिस पर लोग जमकर झूमे। महोत्सव के दौरान हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चोपता की महिलाओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रैंस की महिलाओं ने द्वितीय और तुनेडा की महिलाओं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत और अति विशिष्ट अतिथि पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कल्याण सिंह रावत को शौर्य महोत्सव फाउंडेशन के सदस्यों व पदाधिकारियों ने शाल भेंट कर सम्मानित किया।
तीन दिवसीय शौर्य महोत्सव के अंतिम दिन गढ़वाली लोक गायक किशन महिपाल के गीतों के नाम रहा। किशन महिपाल ने जख देवतों का ठौ छिन भैजी वखी हमरो गौं छिन भैजी... से अपने गीतों की शुरुआत की। उसके बाद हम च तेरा लाल भोला, जय बदरी विशाल... और घुर घुघुती घुराली, रामढोला भलू बजणू घमघमा... गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान हुई रस्साकशी में भी चोपता की महिलाओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि दूसरे स्थान पर कोथरा की महिलाएं रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय आदर्श विद्यालय चोपता के वरुण रावत ने प्रथम और प्राथमिक विद्यालय डडुवागड़ की यामिनी द्वितीय व कुमारी पावनी तीसरे स्थान पर रही। समापन पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर मेलाधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार हरीश चंद्र पांडे, फाउंडेशन के संरक्षक डा. हरपाल सिंह नेगी, अध्यक्ष लखपत सिंह, सचिव गंभीर सिंह मिंगवाल, मोहन सिंह रावत, कफारतीर के प्रधान व वीसी दरवान सिंह नेगी के पौत्र सुदर्शन सिंह नेगी, भूपेंद्र सिंह, मिन्नी देवी, रघुनाथ सिंह नेगी, गिरीश कंडवाल, कोषाध्यक्ष गोविंद सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।
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सीएम के न आने पर लोगों ने जताई नाराजगी
नारायणबगड़। कफारतीर के खैतोलीखाल में आयोजित तीन दिवसीय शौर्य महोत्सव में मुख्यमंत्री के न पहुंचने से लोगों में भारी निराशा रही। महोत्सव के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी। इसके लिए खैतोलीखाल में बकायदा हेलीपैड भी तैयार किया जा चुका था, लेकिन न तो सीएम पहुंचे न ही सैनिक कल्याण मंत्री। पहली बार शौर्य महोत्सव को बतौर राजकीय शौर्य महोत्सव के रूप में मनाया गया। इसके लिए शासन के प्रतिनिधियों के आने की आशा थी लेकिन उनके न आने पर लोगों ने नाराजगी जताई। संवाद
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तीन दिवसीय शौर्य महोत्सव के अंतिम दिन गढ़वाली लोक गायक किशन महिपाल के गीतों के नाम रहा। किशन महिपाल ने जख देवतों का ठौ छिन भैजी वखी हमरो गौं छिन भैजी... से अपने गीतों की शुरुआत की। उसके बाद हम च तेरा लाल भोला, जय बदरी विशाल... और घुर घुघुती घुराली, रामढोला भलू बजणू घमघमा... गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान हुई रस्साकशी में भी चोपता की महिलाओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि दूसरे स्थान पर कोथरा की महिलाएं रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय आदर्श विद्यालय चोपता के वरुण रावत ने प्रथम और प्राथमिक विद्यालय डडुवागड़ की यामिनी द्वितीय व कुमारी पावनी तीसरे स्थान पर रही। समापन पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
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इस अवसर पर मेलाधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार हरीश चंद्र पांडे, फाउंडेशन के संरक्षक डा. हरपाल सिंह नेगी, अध्यक्ष लखपत सिंह, सचिव गंभीर सिंह मिंगवाल, मोहन सिंह रावत, कफारतीर के प्रधान व वीसी दरवान सिंह नेगी के पौत्र सुदर्शन सिंह नेगी, भूपेंद्र सिंह, मिन्नी देवी, रघुनाथ सिंह नेगी, गिरीश कंडवाल, कोषाध्यक्ष गोविंद सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।
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सीएम के न आने पर लोगों ने जताई नाराजगी
नारायणबगड़। कफारतीर के खैतोलीखाल में आयोजित तीन दिवसीय शौर्य महोत्सव में मुख्यमंत्री के न पहुंचने से लोगों में भारी निराशा रही। महोत्सव के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी। इसके लिए खैतोलीखाल में बकायदा हेलीपैड भी तैयार किया जा चुका था, लेकिन न तो सीएम पहुंचे न ही सैनिक कल्याण मंत्री। पहली बार शौर्य महोत्सव को बतौर राजकीय शौर्य महोत्सव के रूप में मनाया गया। इसके लिए शासन के प्रतिनिधियों के आने की आशा थी लेकिन उनके न आने पर लोगों ने नाराजगी जताई। संवाद