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देवभूमि में बढ़ते नशे के कारोबार पर चुप्पी तोड़ें महिलाएं
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गोपेश्वर बाल भवन में अमर उजाला के अपराजिता अभियान की ओर से आयोजित गोष्ठी में प्रतिभाग करते सीविल
- फोटो : GOPESHWAR
गोपेश्वर। अमर उजाला के अपराजिता अभियान और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित नशामुक्ति गोष्ठी में महिलाओं ने नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि की शांत वादियों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। युवा पीढ़ी धार्मिक, संस्कार, सामाजिक मर्यादा और सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के बजाय नशे की ओर बढ़ रही है। इसे जन जागरूकता से ही रोका जा सकता है।
बाल भवन गोपेश्वर में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रविप्रकाश ने किया। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखना चुनौति बना हुआ है। प्राधिकरण ने लंबे समय तक नशामुक्ति अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्कूलों के साथ ही वन व पंचायती राज विभाग की मदद लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशमुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
प्रधानाचार्य अरुणा रावत ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है। देवभूमि में अंग्रेजी शराब के साथ ही अन्य नशीले पदार्थों के विक्रय पर प्रतिबंध लगना चाहिए। सरकार को राजस्व प्राप्त करने के अन्य विकल्प तलाश करने चाहिए।
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शिक्षिका रजनी खत्री ने कहा कि आज नशे की प्रवृत्ति समाज को पतन की ओर ले जा रही है। नशा एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ने का काम कर रहा है। उत्तराखंड में नशाबंदी कानून के लिए एक जनांदोलन की आवश्यकता है। इस मौके पर नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर बाल भवन के निदेशक विनोद रावत, अनीता नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, पूनम गैरोला, बबीता फरस्वाण, संतोषी बहुगुणा, कविता नेगी, अंजना रावत, पूजा रावत, रेखा रावत आदि मौजूद थे।
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बाल भवन गोपेश्वर में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रविप्रकाश ने किया। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखना चुनौति बना हुआ है। प्राधिकरण ने लंबे समय तक नशामुक्ति अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्कूलों के साथ ही वन व पंचायती राज विभाग की मदद लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशमुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
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प्रधानाचार्य अरुणा रावत ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है। देवभूमि में अंग्रेजी शराब के साथ ही अन्य नशीले पदार्थों के विक्रय पर प्रतिबंध लगना चाहिए। सरकार को राजस्व प्राप्त करने के अन्य विकल्प तलाश करने चाहिए।
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शिक्षिका रजनी खत्री ने कहा कि आज नशे की प्रवृत्ति समाज को पतन की ओर ले जा रही है। नशा एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ने का काम कर रहा है। उत्तराखंड में नशाबंदी कानून के लिए एक जनांदोलन की आवश्यकता है। इस मौके पर नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर बाल भवन के निदेशक विनोद रावत, अनीता नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, पूनम गैरोला, बबीता फरस्वाण, संतोषी बहुगुणा, कविता नेगी, अंजना रावत, पूजा रावत, रेखा रावत आदि मौजूद थे।