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आखिर कहां जा रहा 80 हजार लोगों का राशन

Mon, 29 Jul 2019 06:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 06:18 PM IST
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Where is the ration of 80 thousand people going
चमोली जिले में 87 हजार से ज्यादा राशनकार्ड अभी तक ऑनलाइन नहीं होने से हजारों उपभोक्ताओं को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन नहीं मिल रहा है। जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 50145 और राज्य खाद्य योजना के 37 हजार के राशन कार्ड अभी ऑनलाइन नहीं हुए हैं फिर भी इन लोगों का राशन सस्ते गल्ले की दुकानों में जा रहा है। जब यह राशन इन लोगों को नहीं मिल रहा तो आखिर वह जा कहां रहा है। सस्ता राशन न मिलने से लोगों को मजबूरी में दुकानों से महंगे दामों पर राशन खरीदना पड़ रहा है।
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चमोली जिले में राष्ट्रीय खाद्य योजना में 94558 और राज्य खाद्य योजना में 72926 लोग हैं। राशन वितरण में धांधली न हो और पात्र उपभोक्ता कोे ही राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने राशन कार्ड ऑनलाइन करने के आदेश दिए थे। चमोली जिले में डेढ़ साल गुजर जाने के बाद भी विभाग राष्ट्रीय और राज्य खाद्य योजना के कुल 87145 उपभोक्ताओं के राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं कर पाया है। चमोली जिले में सस्ते गल्ले की 836 दुकानें हैं, यहां हर माह 6567 क्विंटल गेहूं और 8067 क्विंटल चावल आता है। गैराधार गांव के चंद्र सिंह, साबुली देवी, त्रिमा देवी, धर्मा देवी, देवकी देवी ने बताया कि उन्हें पांच महीने से राशन नहीं मिला है। दुकान में ऑनलाइन हुए राशन कार्ड धारकों को राशन दिया जाता है जबकि अन्य कार्डधारकों का भी राशन आता है लेकिन वह मिल नहीं रहा है। उन्होंने राशन ब्लैक में बांट देने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि सहायक खाद्य निरीक्षक से शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
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पूर्व ब्लाक प्रमुख डीडी कुनियाल ने कहा कि आपूर्ति विभाग जानबूझकर राशन कार्डों को ऑनलाइन नहीं कर रहा है। जिले में राज्य खाद्य योजना के 35926 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के 44413 के राशन कार्ड ही ऑनलाइन हैं जबकि 87145 के राशनकार्ड ऑनलाइन नहीं हैं। इस संबंध में कई बार डीएसओ से शिकायत की गई लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
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कोट
देवाल ब्लाक के कई गांवों के ग्रामीणों को राशन न मिलने और राशन ब्लैक में बेचे जाने की शिकायत मिली थी। संबंधित ब्लाकों के सहायक खाद्य निरीक्षकों को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही सभी राशनकार्ड ऑनलाइन किए जाएंगे। - किशोरी लाल, जिला पूर्ति अधिकारी।

डीलरों के घर पड़े हैं लैपटॉप, प्रिंटर
प्रत्येक सरकारी सस्ते गल्ला विक्रेता को राशन कार्ड ऑनलाइन करने के लिए वर्ष 2018 में एक लैपटॉप, प्रिंटर और बिलिंग मशीन भी दी गई थी। राशन कार्ड तो ऑनलाइन नहीं हुए और अब यह सामान डीलरों के घरों में पड़ा है।
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