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लाठी-डंडों से हुआ युद्ध, उमड़ी भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Mon, 15 May 2017 10:29 PM IST
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Bat-fight
- फोटो : amar ujala bureau
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आदिबदरी मंदिर परिसर में आयोजित नौठा कौथिक देखने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ उमड़ी। बैशाख-जेठ के पांचवें सोमवार को होने वाले इस पारंपरिक समारोह में पहले नए अनाज के लिए लाठी-डंडों से प्रतिकात्मक युद्ध किया गया।
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इसके बाद मंदिर परिसर में कड़ाह भोग बनाकर भगवान आदिबदरी नाथ को चढ़ाया गया। इस दौरान खेती और जुलगढ़ की महिलाओं ने श्री बदरीनाथ जी झामको, नौठा नारेण जी झामको... सहित कई पारंपरिक जागरों की प्रस्तुतियां दीं।
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सोमवार को परंपर अनुसार खेती के मालगुजार गुलाब सिंह के नेतृत्व में युवाओं की दो टोली ढोल दमाऊं के साथ मंदिर परिसर पहुंची। यहां दोनों दलों ने एक दूसरे को मंदिर में पहले भोग चढ़ाने को लेकर एक दूसरे को प्रतिकात्मक युद्ध के लिए ललकारा।
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इसके बाद परिसर में लाठी और डंडों के साथ पारंपरिक युद्ध हुआ। इसके बाद दोनों दल एक दूसरे के गले मिले और सम्मान किया। महिलाओं ने जागर गाए और ढोल दमाऊं की थाप पर मंदिर परिसर में नृत्य का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान आदिबदरी नाथ को सामूहिक भोग चढ़ाया। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने खेती के मालगुजार गुलाब सिंह को गढ़वाली टोपी और तलवार भेंटकर सम्मानित किया।
कर्णभूमि कलामंच के नाम रही सांस्कृतिक संध्या
तीन दिवसीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या कर्ण भूमि कला मंच के कलाकारों के नाम रही। रविवार रात को रामलीला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी लोक गीत और नृत्यों की सराहनीय प्रस्तुुतियां दीं।
वहीं हास्य कलाकार सुरेंद्र कमांडर ने बदल रही संस्कृति को लेकर कई चुटकुले प्रस्तुत किए। पीआईबी के निदेशक प्रकाश थपलियाल ने सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले महिला मंगल दलों, स्कूली और अन्य कलाकारों को सम्मानित किया। मेले के अंतिम दिन खाने के स्टॉलों पर खूब भीड़ उमड़ी।