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पूर्व में हुये सर्वेक्षण पर ही सड़क निर्माण की मांग
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तहसील मुख्यालय थराली को ब्लाक घाट से जोड़ने वाले थराली-घाट मार्ग का सर्वे विवादों में घिर गया है। रूईसाण गांव के भैरगढ़ तोक के ग्रामीणों ने सर्वे को लेकर विवाद शुरू कर दिया है। इस संबंध में गांव के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देकर पूर्व में किए गए समरेखण (एलाइनमेंट) के तहत ही सड़क का निर्माण करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि नए सर्वे में ग्रामीणों की खेती आ रही है। उन्होंने सर्वे बदलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को लोनिवि कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि विभाग कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में आकर थराली-घाट मार्ग के पूर्व समरेखण को बदलकर नया सर्वेक्षण करने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत रूईसाण गांव के भैरगढ़ तोक के आसपास चार-पांच बैंड डाले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की उपजाऊ कृषि भूमि और मकानों को खतरा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में किए गए सर्वेक्षण से सड़क की दूरी कम होने के साथ ही सुरक्षित भी है। इसलिए इसी के अनुसार सड़क निर्माण होना चाहिए। यदि सर्वे बदलकर जबरदस्ती काश्तकारों की भूमि अधिग्रहण करने की कोशिश की तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे। उपजिलाधिकारी रविंद्र जुंवाठा ने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार थराली और लोनिवि को ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करने को कहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रताप सिंह, बलवंत सिंह, लखपत सिंह, जसपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोहर सिंह, खुशाल सिंह, गोविंद लाल और वीरेंद्र राम थे।
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मंगलवार को लोनिवि कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि विभाग कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में आकर थराली-घाट मार्ग के पूर्व समरेखण को बदलकर नया सर्वेक्षण करने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत रूईसाण गांव के भैरगढ़ तोक के आसपास चार-पांच बैंड डाले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की उपजाऊ कृषि भूमि और मकानों को खतरा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में किए गए सर्वेक्षण से सड़क की दूरी कम होने के साथ ही सुरक्षित भी है। इसलिए इसी के अनुसार सड़क निर्माण होना चाहिए। यदि सर्वे बदलकर जबरदस्ती काश्तकारों की भूमि अधिग्रहण करने की कोशिश की तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे। उपजिलाधिकारी रविंद्र जुंवाठा ने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार थराली और लोनिवि को ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करने को कहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रताप सिंह, बलवंत सिंह, लखपत सिंह, जसपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोहर सिंह, खुशाल सिंह, गोविंद लाल और वीरेंद्र राम थे।
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