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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Verma, Multan, including Singapore's prisons are Bhim

वर्मा, सिंगापुर सहित मुल्तान की जेलों में रहे भीमसिंह

Fri, 17 Feb 2017 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली।
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली। Updated Fri, 17 Feb 2017 10:34 PM IST
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 नेता जी सुभाष चंद्र बोस की ओर से आजाद हिंद फौज में भर्ती सिपाहियों को वर्मा और सिंगापुर भेजा गया था। आठ माह तक आजाद हिंद फौज में देश की आजादी के लिए अपनी सेवा देने के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीम सिंह बिष्ट को 8 अक्तूबर 1945 को अंग्रेजों ने पकड़ लिया।

छह माह तक उन्हें सिंगापुर के पेनाभ और मलाया तथा मुल्तान (पाकिस्तान) की जेल में यातनाएं झेलनी पड़ीं। भीम सिंह बिष्ट के बड़े बेटे महावीर बताते हैं कि उनके पिता आजादी के आंदोलन के दौरान जेल में यातनाएं झेलने का अक्सर जिक्र किया करते थे।
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ऋषिकेश-गौचर बस सेवा के थे पहले यात्री

भीम सिंह ऋषिकेश से गौचर तक शुरू हुई बस सेवा के पहले यात्री भी थे। महावीर बिष्ट बताते हैं कि (भीम सिंह बिष्ट के संस्मरणों के अनुसार) 5 अप्रैल 1945 को ऋषिकेश से गौचर तक चली पहली बस के वह पहले यात्री थे। देश आजाद होने के बाद उन्होंने वर्ष 1948 से 1976 तक करीब 28 साल प्रादेशिक रक्षक दल में क्षेत्र संगठनकर्ता के तौर पर सेवाएं दी थीं।

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