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Chamoli News: योग से आत्म-बोध और तनाव प्रबंधन का दिया संदेश
Wed, 02 Sep 2026 06:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 02 Sep 2026 06:47 PM IST
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फोटो-
गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, गोपेश्वर के बीएड विभाग में बीएड द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम ईपीसी-चार ‘अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ’ के तहत दो दिवसीय योग कार्यशाला आयोजित की गई। 2 और 3 सितंबर को जिम हॉल में आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को आत्म बोध और तनाव प्रबंधन का संदेश दिया गया। मुख्य योग प्रशिक्षिका संगीता नेगी ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न योगासनों, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास कराया। उन्होंने योग की सही विधि, शारीरिक-मानसिक लाभ और सावधानियों की जानकारी दी। ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, धनुरासन, वज्रासन व शवासन सहित विभिन्न आसनों तथा अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि भावी शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और आत्म-बोध के लिए योग महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में संयोजक डॉ. सबज कुमार सैनी, सहसंयोजक डॉ. एसएल बटियाटा समेत विभागीय प्राध्यापक और सभी प्रशिक्षु मौजूद रहे।
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गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, गोपेश्वर के बीएड विभाग में बीएड द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम ईपीसी-चार ‘अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ’ के तहत दो दिवसीय योग कार्यशाला आयोजित की गई। 2 और 3 सितंबर को जिम हॉल में आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को आत्म बोध और तनाव प्रबंधन का संदेश दिया गया। मुख्य योग प्रशिक्षिका संगीता नेगी ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न योगासनों, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास कराया। उन्होंने योग की सही विधि, शारीरिक-मानसिक लाभ और सावधानियों की जानकारी दी। ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, धनुरासन, वज्रासन व शवासन सहित विभिन्न आसनों तथा अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि भावी शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और आत्म-बोध के लिए योग महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में संयोजक डॉ. सबज कुमार सैनी, सहसंयोजक डॉ. एसएल बटियाटा समेत विभागीय प्राध्यापक और सभी प्रशिक्षु मौजूद रहे।
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