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Chamoli News: नंदा राजजात के लिए बनाई जाएगी अंब्रेला समिति
Sun, 03 Aug 2025 06:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 03 Aug 2025 06:38 PM IST
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तैयारियों को लेकर डीएम ने कुरुड़ में ली बैठक, मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार भी हुए शामिल
डीएम ने जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने रविवार को नंदादेवी के सिद्धपीठ कुरुड़ में राजजात की तैयारियों को लेकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने सभी अधिकारियों को राजजात की कार्ययोजना को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि यात्रा व्यवस्था इस तरह की जाए कि बाहर से आने वाला हर श्रद्धालु सकारात्मक छवि लेकर जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जल्द नंदा राजजात के लिए एक अंब्रेला समिति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर रविवार को जिलाधिकारी कुरुड़ पहुंचे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान राजराजेश्वरी की डोली, दशोली की डोली व बंड की डोली के पड़ावों को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। डीएम ने कहा कि यात्रा पड़ावों पर विद्यालयों, पंचायत भवन व मैरिज हॉल में ठहरने की व्यवस्था की जाए। लोनिवि, ऊर्जा निगम, उरेडा, तहसील प्रशासन सहित अन्य विभागों के साथ यात्रा मार्ग पर किए जाने वाले कार्यों को लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार दलवीर दानू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से राजजात के लिए 400 करोड़ की मांग की है जिसमें दो करोड़ निर्जन पड़ावों के लिए हैं। राजजात के लिए एक अंब्रेला समिति बनाई जा रही है जिसके अधीन सभी समितियों को लाया जाएगा। बताया कि राजजात के मुख्य पड़ावों के संबंध में कुछ दिनों में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, सिद्धपीठ कुरुड़ बड़ी जात के संयोजक कर्नल हरेंद्र सिंह रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, नरेश प्रसाद गौड़ अशोक गौड़, दौलत सिंह, महेंद्र सिंह, भगवती देवी, गोविंद सिंह भंडारी, प्रकाश गौड़, धनीराम गौड़, भगवती प्रसाद मैंदोली, महिपाल सिंह, बधाण के 14 सयाने, बंड क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सहित विभागीय अधिकारी व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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लोकजात का कैलेंडर जारी
बैठक के दौरान मां नंंदा देवी के पुजारी अशोक गौड़ की ओर से लिखित नंदा देवी राजजात पुस्तक का विमोचन भी किया गया। साथ ही प्रत्येक साल होने वाली लोकजात का कैलेंडर भी जारी किया गया। यह लोकजात अब अगस्त और सितंबर माह 2025 में होगी।
इंसेट
कुरुड़ से शुरू हो यात्रा, बड़ी जात के नाम से करें संचालन
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ कुरुड़ को यात्रा का पहला पड़ाव माना जाए। जब नंदादेवी का सिद्धपीठ कुरुड़ है तो यात्रा भी यहीं से शुरू होनी चाहिए। सिद्धपीठ कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र पर दर्शाया जाए। साथ ही उन्होंने नंदा राजजात की जगह इसे नंदा की बड़ी जात के नाम से संचालित करने की मांग की। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मंसाराम गौड़, अशोक गौड़ आदि ने कहा कि यदि उनकी यह मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे लोकजात की तरह नंदा की डोली को वेदनी बुग्याल तक लेकर जाएंगे। वे होमकुंड नहीं जाएंगे। डीएम ने कहा कि उनकी मांग के संबंध में शासन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही पर्यटन सचिव को भी अवगत कराया जाएगा। संवाद
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डीएम ने जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने रविवार को नंदादेवी के सिद्धपीठ कुरुड़ में राजजात की तैयारियों को लेकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने सभी अधिकारियों को राजजात की कार्ययोजना को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि यात्रा व्यवस्था इस तरह की जाए कि बाहर से आने वाला हर श्रद्धालु सकारात्मक छवि लेकर जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जल्द नंदा राजजात के लिए एक अंब्रेला समिति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर रविवार को जिलाधिकारी कुरुड़ पहुंचे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान राजराजेश्वरी की डोली, दशोली की डोली व बंड की डोली के पड़ावों को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। डीएम ने कहा कि यात्रा पड़ावों पर विद्यालयों, पंचायत भवन व मैरिज हॉल में ठहरने की व्यवस्था की जाए। लोनिवि, ऊर्जा निगम, उरेडा, तहसील प्रशासन सहित अन्य विभागों के साथ यात्रा मार्ग पर किए जाने वाले कार्यों को लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार दलवीर दानू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से राजजात के लिए 400 करोड़ की मांग की है जिसमें दो करोड़ निर्जन पड़ावों के लिए हैं। राजजात के लिए एक अंब्रेला समिति बनाई जा रही है जिसके अधीन सभी समितियों को लाया जाएगा। बताया कि राजजात के मुख्य पड़ावों के संबंध में कुछ दिनों में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, सिद्धपीठ कुरुड़ बड़ी जात के संयोजक कर्नल हरेंद्र सिंह रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, नरेश प्रसाद गौड़ अशोक गौड़, दौलत सिंह, महेंद्र सिंह, भगवती देवी, गोविंद सिंह भंडारी, प्रकाश गौड़, धनीराम गौड़, भगवती प्रसाद मैंदोली, महिपाल सिंह, बधाण के 14 सयाने, बंड क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सहित विभागीय अधिकारी व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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लोकजात का कैलेंडर जारी
बैठक के दौरान मां नंंदा देवी के पुजारी अशोक गौड़ की ओर से लिखित नंदा देवी राजजात पुस्तक का विमोचन भी किया गया। साथ ही प्रत्येक साल होने वाली लोकजात का कैलेंडर भी जारी किया गया। यह लोकजात अब अगस्त और सितंबर माह 2025 में होगी।
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कुरुड़ से शुरू हो यात्रा, बड़ी जात के नाम से करें संचालन
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ कुरुड़ को यात्रा का पहला पड़ाव माना जाए। जब नंदादेवी का सिद्धपीठ कुरुड़ है तो यात्रा भी यहीं से शुरू होनी चाहिए। सिद्धपीठ कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र पर दर्शाया जाए। साथ ही उन्होंने नंदा राजजात की जगह इसे नंदा की बड़ी जात के नाम से संचालित करने की मांग की। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मंसाराम गौड़, अशोक गौड़ आदि ने कहा कि यदि उनकी यह मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे लोकजात की तरह नंदा की डोली को वेदनी बुग्याल तक लेकर जाएंगे। वे होमकुंड नहीं जाएंगे। डीएम ने कहा कि उनकी मांग के संबंध में शासन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही पर्यटन सचिव को भी अवगत कराया जाएगा। संवाद