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स्रोत से घर तक स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करें: डीएम
Sat, 26 Sep 2026 07:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 26 Sep 2026 07:16 PM IST
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पेयजल की नियमित जांच के लिए घरों से भी लिए जाएंगे रैंडम सैंपल
गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों के साथ ही घरों से भी रैंडम सैंपल लेकर नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को वीसी सभागार में जल संस्थान, जल निगम, नगर निकायों और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में डीएम ने गोपेश्वर, ज्योतिर्मठ और बदरीनाथ में सीवर व पेयजल लाइनों के इंटरसेक्शन प्वाइंट चिह्नित करने को कहा। उन्होंने पेयजल लाइनों में लीकेज रोकने के भी निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में 1113 गांवों को 1756 पेयजल स्रोतों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। चमोली और कर्णप्रयाग में पेयजल जांच प्रयोगशालाएं संचालित हैं।
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डीएम ने जल समितियों को प्रभावी बनाने, पेयजल स्रोतों का नियमित निरीक्षण करने और दूषित पानी की आशंका पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रयोगशालाओं को आधुनिक संसाधनों से अपडेट रखने और नगरीय क्षेत्रों में जोखिम वाले स्थानों की निगरानी करने को भी कहा। संवाद
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गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों के साथ ही घरों से भी रैंडम सैंपल लेकर नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को वीसी सभागार में जल संस्थान, जल निगम, नगर निकायों और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में डीएम ने गोपेश्वर, ज्योतिर्मठ और बदरीनाथ में सीवर व पेयजल लाइनों के इंटरसेक्शन प्वाइंट चिह्नित करने को कहा। उन्होंने पेयजल लाइनों में लीकेज रोकने के भी निर्देश दिए।
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अधिकारियों ने बताया कि जिले में 1113 गांवों को 1756 पेयजल स्रोतों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। चमोली और कर्णप्रयाग में पेयजल जांच प्रयोगशालाएं संचालित हैं।
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डीएम ने जल समितियों को प्रभावी बनाने, पेयजल स्रोतों का नियमित निरीक्षण करने और दूषित पानी की आशंका पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रयोगशालाओं को आधुनिक संसाधनों से अपडेट रखने और नगरीय क्षेत्रों में जोखिम वाले स्थानों की निगरानी करने को भी कहा। संवाद