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Chamoli News: ईड़ा बधाणी में नंदा राजजात यात्रा के आने-जाने के रास्ते हों अलग
Tue, 22 Jul 2025 06:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 22 Jul 2025 06:04 PM IST
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डीएम ने ग्रामीणों और अधिकारियों से की चर्चा
नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों में जुटा चमोली जिला प्रशासन, नौटी गांव में स्थित मंदिर के परिसर को विस्तार देने पर भी बनीं सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली जिला प्रशासन आगामी वर्ष होने वाले नंदा देवी राजजात यात्रा में जुट गया है। प्रशासन की ओर से यात्रा के पड़ावों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए योजनाएं बनानी भी शुरू कर दी गई हैं। ग्रामीणों ने डीएम से यात्रा के प्रमुख पड़ाव ईड़ा बधाणी में यात्रा के जाने और लौटने के रास्ते अलग-अलग करने और नौटी गांव में मंदिर परिसर को विस्तार देने की मांग की है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियाें से मंत्रणा की।
श्रीनंदा राजजात यात्रा को हिमालयी कुंभ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें लाखों श्रद्धालु प्रतिभाग करते हैं। यह यात्रा मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ और नौटी से आयोजित होती है। दोनों जगहों की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बीते दिनों नौटी से यात्रा पड़ावों का भ्रमण किया था। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में रास्तों, मंदिर परिसर, हेलिपैड, पार्किंग, शौचालय आदि के बारे में ग्रामीणों के साथ ही अधिकारियों के साथ चर्चा की गई थी। अब ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में लगातार वार्ता की जा रही है। यात्रा के मुख्य पड़ाव ईड़ा-बधाणी में राजजात यात्रा गांव के बीच से होकर गुजरती है जबकि वापस भी यहीं से आती है। लोगों का कहना है कि यात्रा की वापसी का मार्ग यात्रा गांव के बाहर से किया जाए। रास्ता कहां से बनाया जाएगा इसके लिए वार्ता की जा रही है। यात्रा के दौरान वीआईपी का मूवमेंट भी रहेगा जिसे देखते हुए हेलिपैड निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। यात्रा पड़ावों पर पर्याप्त पार्किंग और शौचालयों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।
इंसेट
26 को सिद्धपीठ कुरुड़ जाएंगे डीएम
गोपेश्वर। नंदा राजजात यात्रा तैयारियों के तहत 26 जुलाई को डीएम सिद्धपीठ कुरुड़ जाएंगे और यात्रा तैयारियों को लेकर निरीक्षण करेंगे। डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि कुरुड़ से मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए विदा होती हैं। जिन-जिन यात्रा पड़ावों से डोली जाएगी वहां सुविधाएं जुटाई जाएंगी। संवाद
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समिति के लोग बोले-मां नंदा की बड़ी जात को न लिखें राजजात
गोपेश्वर। मां नंदा राजराजेश्वरी कुरुड़ मंदिर बड़ी नंदाजात आयोजन समिति से जुड़े नंदानगर और बंड क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से भेंटकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मां नंदा की बड़ीजात को राजजात न लिखा और न कहा जाए। उन्होंने यात्रा का शुभारंभ सिद्धपीठ कुरुड़ से करने की मांग उठाई।
कहा कि वर्ष 1987 के बाद से मां नंदा की बड़ी जात से पृष्ठभूमि से छेड़छाड़ कर यात्रा शुभारंभ का मुख्य पड़ाव नौटी को बताया जा रहा है। इसका तबसे विरोध किया जा रहा है। कहा गया कि इसकी मुख्य भूमिका में नौटी गांव की एक एनजीओ श्रीनंदाराज जात समिति है। तब से नंदा की बड़ी जात एक एनजीओ के मार्गदर्शन में चलने को वरीयता दी जा रही है। समिति के सदस्यों ने यात्रा का शुभारंभ सिद्धपीठ कुरुड़ से करने की मांग उठाई। कहा गया कि यदि इस बार भी नौटी से यात्रा की शुरुआत की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कर्नल एचएस बर्त्वाल (सेनि), हरीश पुरोहित और अयोध्या हटवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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पेयजल संबंधी प्रस्ताव एक सप्ताह में कराएं उपलब्ध
गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान विभागों की ओर से कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की गई।
डीएम ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर आवश्यक पेयजल सुविधाओं को लेकर विभाग एक सप्ताह में शासन को प्रस्ताव उपलब्ध कराए। सहायक अभियंताओं को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा ताकि जरूरत के अनुसार प्रस्ताव बनाया जा सके। कहा कि पिछली यात्रा के अनुभवों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार की योजना बनाई जाए। डीएम ने वन विभाग को वाण से आगे निर्जन पड़ावों पर जरूरी सुविधाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार सैनी, सहायक अभियंता दिनेश चंद्र पुरोहित और दिनेश चंद्र पुरोहित आदि मौजूद रहे।
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नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों में जुटा चमोली जिला प्रशासन, नौटी गांव में स्थित मंदिर के परिसर को विस्तार देने पर भी बनीं सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली जिला प्रशासन आगामी वर्ष होने वाले नंदा देवी राजजात यात्रा में जुट गया है। प्रशासन की ओर से यात्रा के पड़ावों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए योजनाएं बनानी भी शुरू कर दी गई हैं। ग्रामीणों ने डीएम से यात्रा के प्रमुख पड़ाव ईड़ा बधाणी में यात्रा के जाने और लौटने के रास्ते अलग-अलग करने और नौटी गांव में मंदिर परिसर को विस्तार देने की मांग की है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियाें से मंत्रणा की।
श्रीनंदा राजजात यात्रा को हिमालयी कुंभ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें लाखों श्रद्धालु प्रतिभाग करते हैं। यह यात्रा मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ और नौटी से आयोजित होती है। दोनों जगहों की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बीते दिनों नौटी से यात्रा पड़ावों का भ्रमण किया था। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में रास्तों, मंदिर परिसर, हेलिपैड, पार्किंग, शौचालय आदि के बारे में ग्रामीणों के साथ ही अधिकारियों के साथ चर्चा की गई थी। अब ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में लगातार वार्ता की जा रही है। यात्रा के मुख्य पड़ाव ईड़ा-बधाणी में राजजात यात्रा गांव के बीच से होकर गुजरती है जबकि वापस भी यहीं से आती है। लोगों का कहना है कि यात्रा की वापसी का मार्ग यात्रा गांव के बाहर से किया जाए। रास्ता कहां से बनाया जाएगा इसके लिए वार्ता की जा रही है। यात्रा के दौरान वीआईपी का मूवमेंट भी रहेगा जिसे देखते हुए हेलिपैड निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। यात्रा पड़ावों पर पर्याप्त पार्किंग और शौचालयों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।
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26 को सिद्धपीठ कुरुड़ जाएंगे डीएम
गोपेश्वर। नंदा राजजात यात्रा तैयारियों के तहत 26 जुलाई को डीएम सिद्धपीठ कुरुड़ जाएंगे और यात्रा तैयारियों को लेकर निरीक्षण करेंगे। डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि कुरुड़ से मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए विदा होती हैं। जिन-जिन यात्रा पड़ावों से डोली जाएगी वहां सुविधाएं जुटाई जाएंगी। संवाद
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समिति के लोग बोले-मां नंदा की बड़ी जात को न लिखें राजजात
गोपेश्वर। मां नंदा राजराजेश्वरी कुरुड़ मंदिर बड़ी नंदाजात आयोजन समिति से जुड़े नंदानगर और बंड क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से भेंटकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मां नंदा की बड़ीजात को राजजात न लिखा और न कहा जाए। उन्होंने यात्रा का शुभारंभ सिद्धपीठ कुरुड़ से करने की मांग उठाई।
कहा कि वर्ष 1987 के बाद से मां नंदा की बड़ी जात से पृष्ठभूमि से छेड़छाड़ कर यात्रा शुभारंभ का मुख्य पड़ाव नौटी को बताया जा रहा है। इसका तबसे विरोध किया जा रहा है। कहा गया कि इसकी मुख्य भूमिका में नौटी गांव की एक एनजीओ श्रीनंदाराज जात समिति है। तब से नंदा की बड़ी जात एक एनजीओ के मार्गदर्शन में चलने को वरीयता दी जा रही है। समिति के सदस्यों ने यात्रा का शुभारंभ सिद्धपीठ कुरुड़ से करने की मांग उठाई। कहा गया कि यदि इस बार भी नौटी से यात्रा की शुरुआत की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कर्नल एचएस बर्त्वाल (सेनि), हरीश पुरोहित और अयोध्या हटवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
पेयजल संबंधी प्रस्ताव एक सप्ताह में कराएं उपलब्ध
गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान विभागों की ओर से कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की गई।
डीएम ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर आवश्यक पेयजल सुविधाओं को लेकर विभाग एक सप्ताह में शासन को प्रस्ताव उपलब्ध कराए। सहायक अभियंताओं को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा ताकि जरूरत के अनुसार प्रस्ताव बनाया जा सके। कहा कि पिछली यात्रा के अनुभवों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार की योजना बनाई जाए। डीएम ने वन विभाग को वाण से आगे निर्जन पड़ावों पर जरूरी सुविधाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार सैनी, सहायक अभियंता दिनेश चंद्र पुरोहित और दिनेश चंद्र पुरोहित आदि मौजूद रहे।