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ग्रामीणों ने रुकवाया परियोजना का काम
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 23 Jan 2016 07:47 PM IST
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सेलंग गांव के ग्रामीणों ने समझौते के मुताबिक कार्य न होने पर निर्माणाधीन एनटीपीसी की 520 मेगावाट की तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
सेलंग गांव के ग्रामीण सुबह 11 बजे परियोजना के पावर हाउस साइट पहुंचे और एनटीपीसी के विरुद्ध नारेबाजी कर परियोजना का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी की ओर से समझौते के मुताबिक जूनियर हाईस्कूल भवन का निर्माण किया जाना है, लेकिन पांच वर्ष से कंपनी की ओर से भवन का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है।
प्रभावित ग्रामीणों के बच्चों के विद्यालय जाने के लिए गांव से जोशीमठ के लिए बस लगवाई गई थी, जो वर्तमान में कंपनी ने बंद करवा दी है। चारा पत्ती का मुआवजा भी अधिकांश प्रभावितों को नहीं दिया गया है।
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ग्राम प्रधान उमा देवी का कहना है कि कंपनी की ओर से ग्रामीणों के साथ हुए समझौते में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस मौके पर लक्ष्मण राणा, मोहन फरस्वाण, सुखदेव सिंह, आशीष और कल्पेश्वर आदि मौजूद थे।
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सेलंग गांव के ग्रामीण सुबह 11 बजे परियोजना के पावर हाउस साइट पहुंचे और एनटीपीसी के विरुद्ध नारेबाजी कर परियोजना का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी की ओर से समझौते के मुताबिक जूनियर हाईस्कूल भवन का निर्माण किया जाना है, लेकिन पांच वर्ष से कंपनी की ओर से भवन का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है।
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प्रभावित ग्रामीणों के बच्चों के विद्यालय जाने के लिए गांव से जोशीमठ के लिए बस लगवाई गई थी, जो वर्तमान में कंपनी ने बंद करवा दी है। चारा पत्ती का मुआवजा भी अधिकांश प्रभावितों को नहीं दिया गया है।
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ग्राम प्रधान उमा देवी का कहना है कि कंपनी की ओर से ग्रामीणों के साथ हुए समझौते में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस मौके पर लक्ष्मण राणा, मोहन फरस्वाण, सुखदेव सिंह, आशीष और कल्पेश्वर आदि मौजूद थे।