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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   The plan of Birhi village is quenching the thirst of other villagesVeer Ganga and people fulfilling the need of water from sources

वीर गंगा के किनारे बसा बिरही गांव प्यासा

Tue, 12 Jul 2022 08:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 08:30 PM IST
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The plan of Birhi village is quenching the thirst of other villagesVeer Ganga and people fulfilling the need of water from sources
वीर गंगा के किनारे बसे बिरही गांव में इन दिनों पेयजल किल्लत बनी हुई है। गांव में जल संस्थान की पेयजल लाइन तो है लेकिन जगह-जगह पानी लीकेज की समस्या बनी हुई है। वहीं गांव के लिए बनी पेयजल योजना से अन्य गांवों को पानी की आपूर्ति की जा रही है जिस कारण भी यहां पेयजल संकट बना है। ग्रामीण वीर गंगा और प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से ही पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। लोगों ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों से शीघ्र गांव में पेयजल आपूर्ति करने की मांग की।
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बदरीनाथ हाईवे पर स्थित बिरही गांव में 150 परिवार रहते हैं। यूं तो गांव नदी के किनारे बसा है और गांव के ऊपरी हिस्से में पेयजल स्रोत भी है लेकिन जल निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कई बार ग्रामीण गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन बिछाने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला है। स्थानीय निवासी तारेंद्र दत्त थपलियाल का कहना है कि जल निगम की ओर से बिरही गांव के पेयजल स्रोतों से समीपवर्ती कौड़िया और मायापुर गांव के लिए पेयजल सप्लाई की जा रही है जिस कारण बिरही में पानी की किल्लत बनी हुई है। होटल व्यवसायी भी किराए के वाहनों में पानी ढोकर लाने के लिए मजबूर हैं। मोहन सिंह का कहना है कि ग्रामीण कपड़े धोने के लिए वीर गंगा में जा रहे हैं और पानी के लिए स्रोतों से व्यवस्था कर रहे हैं। इधर, जल निगम के अधिशासी अभियंता वीके जैन का कहना है कि बिरही गांव में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए गांव को जल जीवन मिशन से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीणों की पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी।
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तीन दिन पहले बदरीनाथ हाईवे पर उमट्टा में पहाड़ी दरकने के कारण पानी की लाइन टूटने से कर्णप्रयाग की आठ हजार से अधिक की आबादी पीने के पानी के लिए भटक रही है। लोगों ने डीएम से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग उठाई।
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रविवार को आलवेदर रोड परियोजना के तहत हुई कटिंग से बारिश में उमट्टा के पास पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया था, जिससे कर्णप्रयाग की कालेश्वर पंपिंग योजना के कई पाइप टूट गए थे। ऐसे में नगर के बस स्टेशन, आईटीआई, बहुगुणानगर, पुजारीगांव, गांधीनगर व शक्तिनगर में पानी की आपूर्ति रविवार से ठप पड़ी है। ऐसे में लोगों को हैंडपंप व अपने निजी वाहनों में प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। अनूप चौहान, बृजेश बिष्ट, देवराज सिंह ने जल्द पाइप लाइन ठीक करने की मांग उठाई। वहीं, जल संस्थान के जेई मनमोहन राणा ने कहा कि पेयजल योजना के पाइपों को जोड़ने का काम तीसरे दिन भी जारी है। सड़क किनारे टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार शाम तक पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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