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Chamoli News: कर्णप्रयाग और थराली के जंगलों में लगी
Tue, 30 Jan 2024 05:22 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 30 Jan 2024 05:22 PM IST
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जसपुर के ग्रामीण रात में ही आग बुझाने में जुट गए, विकराल होने के कारण नहीं बुझाई जा सकी
थराली के सुनाउं और देवलग्वाड़ में एक हेक्टेयर जंगल जला
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/थराली। आदिबदरी के पास सोमवार रात को जसपुर गांव के ऊपरी भाग के जंगलों आग लग गई। आग की सूचना पर ग्रामीण रात में ही आग बुझाने में जुट गए लेकिन आग इतनी विकराल थी कि बुझाई नहीं जा सकी। सोमवार सुबह पूरे जंगल में पीरूल, सूखी घास जलने के बाद आग स्वयं बुझ गई। वहीं थराली के सुनाउं और देवलग्वाड़ के जंगल भी आग में जल रहे हैं।
कर्णप्रयाग के बीरेंद्र कुमार, राजेंद्र सगोई, बसंत प्रसाद व पंकज प्रसाद आदि ने कहा कि कई असामाजिक तत्व जंगलों में आग लगाकर पेड़ पौधों व जंगली जानवरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहा कि जंगलों में आग लगाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं थराली में पैठाणी, सिलोड़ी और कोठा के जंगलों में लगी भीषण आग अब सुनाउं और देवलग्वाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। इससे एक हेक्टेयर जंगल जल गया है। आग से नलगांव से देवाल तक धुआं छाया रहा। चीड़ का जंगल होने के कारण आग बुझाई नहीं जा सकी है। वहीं धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धुआं इतना अधिक है कि वन विभाग और अग्निशमन दल को आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
कोटथराली के जंगलों में लगी आग बुझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग की पूरी टीम क्षेत्र में भेजी हुई है। सितंबर से बारिश न होने के कारण जंगलों में नमी नहीं है जिससे आग तेजी से भड़क रही है। उन्होंने लोगों से आग बुझाने में सहयोग करने की अपील की। - अखिलेश भट्ट, रेंजर, बदरीनाथ वन प्रभाग, नारायणबगड़।
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थराली के सुनाउं और देवलग्वाड़ में एक हेक्टेयर जंगल जला
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/थराली। आदिबदरी के पास सोमवार रात को जसपुर गांव के ऊपरी भाग के जंगलों आग लग गई। आग की सूचना पर ग्रामीण रात में ही आग बुझाने में जुट गए लेकिन आग इतनी विकराल थी कि बुझाई नहीं जा सकी। सोमवार सुबह पूरे जंगल में पीरूल, सूखी घास जलने के बाद आग स्वयं बुझ गई। वहीं थराली के सुनाउं और देवलग्वाड़ के जंगल भी आग में जल रहे हैं।
कर्णप्रयाग के बीरेंद्र कुमार, राजेंद्र सगोई, बसंत प्रसाद व पंकज प्रसाद आदि ने कहा कि कई असामाजिक तत्व जंगलों में आग लगाकर पेड़ पौधों व जंगली जानवरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहा कि जंगलों में आग लगाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं थराली में पैठाणी, सिलोड़ी और कोठा के जंगलों में लगी भीषण आग अब सुनाउं और देवलग्वाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। इससे एक हेक्टेयर जंगल जल गया है। आग से नलगांव से देवाल तक धुआं छाया रहा। चीड़ का जंगल होने के कारण आग बुझाई नहीं जा सकी है। वहीं धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धुआं इतना अधिक है कि वन विभाग और अग्निशमन दल को आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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कोटथराली के जंगलों में लगी आग बुझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग की पूरी टीम क्षेत्र में भेजी हुई है। सितंबर से बारिश न होने के कारण जंगलों में नमी नहीं है जिससे आग तेजी से भड़क रही है। उन्होंने लोगों से आग बुझाने में सहयोग करने की अपील की। - अखिलेश भट्ट, रेंजर, बदरीनाथ वन प्रभाग, नारायणबगड़।
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