बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत सोमवार को अन्नकूट पूजा के साथ श्री आदिकेदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। वहीं बदरीनाथ धाम में बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और वेदपाठियों ने पूजा-अर्चना के बाद आदिकेदारेश्वर और आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद किए। इससे पहले भगवान आदिकेदारेश्वर को अन्नकूट अर्पित किया गया। मंगलवार 17 नवंबर को खड़ग पुस्तक पूजन के बाद वेद ऋचाओं का वाचन बंद कर दिया जाएगा। 18 को मां लक्ष्मी को न्योता देने के बाद 19 नवंबर को धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आदिकेदारेश्वर मंन्दिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद भट्ट, सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, दफेदार कृपाल सनवाल, दर्शन कोटवाल आदि मौजूद रहे।