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Chamoli News: सिलिंडर दिया नहीं, एजेंसी कर्मी बोले डिलीवरी कर दी गई
Wed, 15 Apr 2026 05:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 15 Apr 2026 05:29 PM IST
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उपभोक्ताओं में नाराजगी, जांच की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। रसोई गैस संकट के बीच एजेंसी की ओर से कई उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए बिना ही डिलीवरी होने की बात कही जा रही है। उपभोक्ताओंं का कहना है कि बुकिंग, डीएससी कोड होने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा है। लोगों ने मामले की जांच की मांग की।
पूर्णा गांव के प्रदीप मिश्रा ने बताया कि उनके पास भारत गैस एजेंसी का कनेक्शन है। ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद उनके मोबाइल पर डीएसी नंबर आया। 12 अप्रैल को एजेंसी का वाहन देवाल पहुंचा वे मौके पर पहुंचे लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि मौके पर गैस एजेंसी कर्मी ने कहा कि इस नंबर पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी कर दी गई है जबकि उन्होंने 2026 में सिलिंडर नहीं लिया। उन्होंने पूर्ति निरीक्षक से इसकी जांच कर गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने और सिलिंडर की आपूर्ति की मांग की। वहीं इस बारे में भारत गैस सर्विस नारायणबगड़ के प्रबंधक संजय व कार्यालय में कार्यरत कर्मी धन सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं पूर्ति निरीक्षक मनोहर फस्वार्ण ने बताया कि इस संबंध में भारत गैस सर्विस से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डीजल की भट्टी पर सीमित मात्रा में बनेगा खाना
गैस की किल्लत के कारण जीएसवीएन के 11 विश्राम गृहों में की गई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चारधाम यात्रा के लिए जीएमवीएन भी तैयारियों में जुटा हुआ है। मगर सिलिंडरों की कमी के कारण सभी विश्राम गृहों में डीजल की भट्टी का प्रयोग किया जाएगा जिसके लिए निगम ने सभी 11 यात्रा पड़ावों से जुड़े जीएमवीएन के लिए भट्टी मंगा दी है। साथ ही सिलिंडर की कमी के कारण खाना भी सीमित ही बनाया जाएगा। यदि सिलिंडर की ऐसे ही कमी बनी रहती है तो लोग अपने मनपसंद का खाना आर्डर नहीं कर पाएंगे।
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बदरीनाथ की यात्रा को महज एक सप्ताह का समय बचा हुआ है। ऐसे में जीएमवीएन (गढ़वाल विकास निगम लि.) भी तैयारियों में जुटा हुआ है। जनपद के प्रवेश द्वार गौचर से बदरीनाथ तक सभी 11 जीएमवीएन में रंगरोगन, स्टाफ की नियुक्ति, पार्किंग, साफ सफाई आदि की व्यवस्था हो चुकी है। वहीं खाना बनाने के लिए सभी जगह एक-एक डीजल की भट्टी भी मंगा दी गई है। जीएमवीएन के क्षेत्रीय प्रबंधक विश्वनाथ बेंजवाल का कहना है कि जनपद में 22 जीएमवीएन गेस्ट हाउस हैं जिसमें से 11 यात्रा मार्ग से जुड़े हैं। इन सभी में पूरी तैयारी की गई है। साथ ही सिलिंडर की कमी को दूर करने के लिए डीजल भट्टी भी मंगा दी गई है। लोगों को पहाड़ी व्यंजन भी परोसने का प्रयास किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। रसोई गैस संकट के बीच एजेंसी की ओर से कई उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए बिना ही डिलीवरी होने की बात कही जा रही है। उपभोक्ताओंं का कहना है कि बुकिंग, डीएससी कोड होने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा है। लोगों ने मामले की जांच की मांग की।
पूर्णा गांव के प्रदीप मिश्रा ने बताया कि उनके पास भारत गैस एजेंसी का कनेक्शन है। ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद उनके मोबाइल पर डीएसी नंबर आया। 12 अप्रैल को एजेंसी का वाहन देवाल पहुंचा वे मौके पर पहुंचे लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि मौके पर गैस एजेंसी कर्मी ने कहा कि इस नंबर पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी कर दी गई है जबकि उन्होंने 2026 में सिलिंडर नहीं लिया। उन्होंने पूर्ति निरीक्षक से इसकी जांच कर गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने और सिलिंडर की आपूर्ति की मांग की। वहीं इस बारे में भारत गैस सर्विस नारायणबगड़ के प्रबंधक संजय व कार्यालय में कार्यरत कर्मी धन सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं पूर्ति निरीक्षक मनोहर फस्वार्ण ने बताया कि इस संबंध में भारत गैस सर्विस से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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डीजल की भट्टी पर सीमित मात्रा में बनेगा खाना
गैस की किल्लत के कारण जीएसवीएन के 11 विश्राम गृहों में की गई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चारधाम यात्रा के लिए जीएमवीएन भी तैयारियों में जुटा हुआ है। मगर सिलिंडरों की कमी के कारण सभी विश्राम गृहों में डीजल की भट्टी का प्रयोग किया जाएगा जिसके लिए निगम ने सभी 11 यात्रा पड़ावों से जुड़े जीएमवीएन के लिए भट्टी मंगा दी है। साथ ही सिलिंडर की कमी के कारण खाना भी सीमित ही बनाया जाएगा। यदि सिलिंडर की ऐसे ही कमी बनी रहती है तो लोग अपने मनपसंद का खाना आर्डर नहीं कर पाएंगे।
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बदरीनाथ की यात्रा को महज एक सप्ताह का समय बचा हुआ है। ऐसे में जीएमवीएन (गढ़वाल विकास निगम लि.) भी तैयारियों में जुटा हुआ है। जनपद के प्रवेश द्वार गौचर से बदरीनाथ तक सभी 11 जीएमवीएन में रंगरोगन, स्टाफ की नियुक्ति, पार्किंग, साफ सफाई आदि की व्यवस्था हो चुकी है। वहीं खाना बनाने के लिए सभी जगह एक-एक डीजल की भट्टी भी मंगा दी गई है। जीएमवीएन के क्षेत्रीय प्रबंधक विश्वनाथ बेंजवाल का कहना है कि जनपद में 22 जीएमवीएन गेस्ट हाउस हैं जिसमें से 11 यात्रा मार्ग से जुड़े हैं। इन सभी में पूरी तैयारी की गई है। साथ ही सिलिंडर की कमी को दूर करने के लिए डीजल भट्टी भी मंगा दी गई है। लोगों को पहाड़ी व्यंजन भी परोसने का प्रयास किया जाएगा।