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दुल्हन लेने आठ किमी बर्फ में पैदल चली बरात
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चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी मुसीबत बनी हुई है। शादी विवाह का सीजन होने से बरातियों के साथ ही दूल्हे को बर्फ में पैदल दुल्हन के घर तक पहुंचना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को भी जितार सिंह को दुल्हन लाने के लिए आठ किमी बर्फ में पैदल चलना पड़ा।
चमोली जिले की निजमुला घाटी के अधिकांश गांव बर्फ से लकदक हैं। यहां के पाणा गांव निवासी थान सिंह के बेटे जितार सिंह की बृहस्पतिवार को पगना गांव निवासी राजे सिंह की पुत्री कविता से हुई, लेकिन पूरे गांव और रास्ते बर्फ से पटे हैं। ऐसे में बरात को करीब आठ किमी पैदल चलना पड़ा, जिसके बाद वह दुल्हन के घर तक पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर वसंत पंचमी तक बर्फ या तो पिघल जाती थी या कम हो जाती थी, इसलिए कई लोग वसंत पंचमी के दिन शादी तय करते हैं। ईराणी के प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में हुई बर्फबारी से लोगों को शादी करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद
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चमोली जिले की निजमुला घाटी के अधिकांश गांव बर्फ से लकदक हैं। यहां के पाणा गांव निवासी थान सिंह के बेटे जितार सिंह की बृहस्पतिवार को पगना गांव निवासी राजे सिंह की पुत्री कविता से हुई, लेकिन पूरे गांव और रास्ते बर्फ से पटे हैं। ऐसे में बरात को करीब आठ किमी पैदल चलना पड़ा, जिसके बाद वह दुल्हन के घर तक पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर वसंत पंचमी तक बर्फ या तो पिघल जाती थी या कम हो जाती थी, इसलिए कई लोग वसंत पंचमी के दिन शादी तय करते हैं। ईराणी के प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में हुई बर्फबारी से लोगों को शादी करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद
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