{"_id":"6281216a15119b6bcb1c65cb","slug":"the-audience-danced-on-the-powerful-presentation-of-women-s-mangal-parties-in-nautha-kauthig-karnpryag-news-drn411827351","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौठा कौथीग में महिला मंगल दलों की दमदार प्रस्तुति पर झूमे दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौठा कौथीग में महिला मंगल दलों की दमदार प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
विज्ञापन
दिबदरी के नौठा कौथीग में उमड़ी लोगों की भीड़।
- फोटो : KARNPRYAG
नौठा कौथिग पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले के दूसरे दिन मेला-स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। दूसरे दिन के कार्यक्रमों का उद्घाटन भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी ने किया। उन्होंने कहा कि यह महिला विकास का युग है। महिलाएं प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रही हैं। मेला पंडाल में महिला मंगल दल ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं।
रामलीला मैदान में आयोजित मेले में महिला मंगल दल प्यूरा, बूंगा, नगली, मालसी, स्यालकोट, रंडोली समेत क्षेत्र की 20 महिला मंगल दलों ने दमदार प्रस्तुति दी। लोकगीत और लोकनृत्य पर दर्शक झूम उठे। मेला कमेटी के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य अपनी संस्कृति व लोक कला को संरक्षित रखकर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है। मेला स्थल पर लगे इंदिरेश हॉस्पिटल देहरादून के निशुल्क चिकित्सा शिविर में 700 लोगों का चिकित्सा परीक्षण किया गया। रात को नव हिमालय कला मंच अल्मोड़ा की टीम ने भी कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर अधीनस्थ चयन आयोग के सदस्य डॉ. प्रकाश थपलियाल, गैंणा सिंह, विनोद नेगी, राजेंद्र सगोई, विजय चमोला, नवीन खंडूड़ी, नरेश बरमोला, जगदीश बहुगुणा, शकुंतला बरमोला, नवीन बहुगुणा, यशवंत भंडारी, विजया बरमोला और त्रिलोक भंडारी उपस्थित थे।
उमा शंकरी को लगाया रोट-कलऊ का भोग
क्षेत्र की आराध्य मां उमा शंकरी को डिम्मर गांव के लोगों ने रोट एवं कलेऊ का भोग लगाया। इस दौरान मंदिर में भव्य पूजा की गई और भक्तों ने देवी से धनधान्य का आशीर्वाद मांगा। डिम्मर गांव के गोपी डिमरी ने बताया कि उमा शंकरी का मायका डिम्मर गांव में है। देवी को गांव के लोग ध्याण के रूप में पूजते हैं। सदियों से चली परंपरा के अनुसार ध्याणियों (बेटियों) को रोंट, आरसा, कलेऊ (आला) देने की परंपरा है। इसी का निर्वहन करते हुए डिम्मर गांव से सुबोध डिमरी, राजेंद्र डिमरी, पुनीत डिमरी, जयेश डिमरी, सोबित डिमरी, शशांक डिमरी आदि मां उमा देवी को रोट, अरसा, हलवा, मिठाई और फलफूल भेंट किए। इस दौरान देवी का भव्य शृंगार किया गया। इस मौके पर राधाकृष्ण पुजारी, रविंद्र पुजारी, जगदीश पुजारी, राजेंद्र पुजारी, प्रदीप पुजारी, कांति पुजारी, नवीन पुजारी, मनोज पुजारी, मुकेश खंडूड़ी, आकाश पुजारी, नरेश पुजारी, अनूप पुजारी, शशांक पुरोहित, जगदंबा पुजारी और दुर्गा पुजारी मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
रामलीला मैदान में आयोजित मेले में महिला मंगल दल प्यूरा, बूंगा, नगली, मालसी, स्यालकोट, रंडोली समेत क्षेत्र की 20 महिला मंगल दलों ने दमदार प्रस्तुति दी। लोकगीत और लोकनृत्य पर दर्शक झूम उठे। मेला कमेटी के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य अपनी संस्कृति व लोक कला को संरक्षित रखकर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है। मेला स्थल पर लगे इंदिरेश हॉस्पिटल देहरादून के निशुल्क चिकित्सा शिविर में 700 लोगों का चिकित्सा परीक्षण किया गया। रात को नव हिमालय कला मंच अल्मोड़ा की टीम ने भी कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर अधीनस्थ चयन आयोग के सदस्य डॉ. प्रकाश थपलियाल, गैंणा सिंह, विनोद नेगी, राजेंद्र सगोई, विजय चमोला, नवीन खंडूड़ी, नरेश बरमोला, जगदीश बहुगुणा, शकुंतला बरमोला, नवीन बहुगुणा, यशवंत भंडारी, विजया बरमोला और त्रिलोक भंडारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
उमा शंकरी को लगाया रोट-कलऊ का भोग
क्षेत्र की आराध्य मां उमा शंकरी को डिम्मर गांव के लोगों ने रोट एवं कलेऊ का भोग लगाया। इस दौरान मंदिर में भव्य पूजा की गई और भक्तों ने देवी से धनधान्य का आशीर्वाद मांगा। डिम्मर गांव के गोपी डिमरी ने बताया कि उमा शंकरी का मायका डिम्मर गांव में है। देवी को गांव के लोग ध्याण के रूप में पूजते हैं। सदियों से चली परंपरा के अनुसार ध्याणियों (बेटियों) को रोंट, आरसा, कलेऊ (आला) देने की परंपरा है। इसी का निर्वहन करते हुए डिम्मर गांव से सुबोध डिमरी, राजेंद्र डिमरी, पुनीत डिमरी, जयेश डिमरी, सोबित डिमरी, शशांक डिमरी आदि मां उमा देवी को रोट, अरसा, हलवा, मिठाई और फलफूल भेंट किए। इस दौरान देवी का भव्य शृंगार किया गया। इस मौके पर राधाकृष्ण पुजारी, रविंद्र पुजारी, जगदीश पुजारी, राजेंद्र पुजारी, प्रदीप पुजारी, कांति पुजारी, नवीन पुजारी, मनोज पुजारी, मुकेश खंडूड़ी, आकाश पुजारी, नरेश पुजारी, अनूप पुजारी, शशांक पुरोहित, जगदंबा पुजारी और दुर्गा पुजारी मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन