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Chamoli News: अलकनंदा से तप्तकुंड को हो रहा कटाव, सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त
Wed, 30 Jul 2025 06:34 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 30 Jul 2025 06:34 PM IST
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फोटो
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
मास्टर प्लान के कार्यों से नदी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक हुई संकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। मास्टर प्लान के कार्यों से अलकनंदा नदी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक संकरी हो गई है। अब अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका तेज बहाव तप्तकुंड की ओर हो गया है जिससे यहां कटाव होने लगा है। नदी किनारे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं जिससे तप्तकुंड को खतरा उत्पन्न हो गया है।
बदरीनाथ मंदिर के ठीक नीचे तप्तकुंड स्थित है। यहां अलकनंदा ढलान में तीव्र गर्जना कर गुजरती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बारिश से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे बदरीनाथ में तप्तकुंड को खतरा उत्पन्न हो गया है। बदरीनाथ महायोजना मास्टर प्लान के तहत नदी के दोनों ओर हुए कार्यों से भी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड के नीचे तक अलकनंदा बेहद संकरी हो गई है। अब नदी का बहाव भी तप्तकुंड की ओर हो गया है जिससे यहां पुरानी सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। कुबेर देवरा समिति के अध्यक्ष उत्तम मेहता और सचिव रामनारायण भंडारी का कहना है कि अलकनंदा के बढ़ते जलस्तर से तप्तकुंड परिसर को खतरा बना हुआ है। प्रशासन को इस समस्या का समाधान जल्द कराना चाहिए। इधर उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि इस संबंध में पीआईयू के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
मास्टर प्लान के कार्यों से नदी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक हुई संकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। मास्टर प्लान के कार्यों से अलकनंदा नदी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक संकरी हो गई है। अब अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका तेज बहाव तप्तकुंड की ओर हो गया है जिससे यहां कटाव होने लगा है। नदी किनारे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं जिससे तप्तकुंड को खतरा उत्पन्न हो गया है।
बदरीनाथ मंदिर के ठीक नीचे तप्तकुंड स्थित है। यहां अलकनंदा ढलान में तीव्र गर्जना कर गुजरती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बारिश से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे बदरीनाथ में तप्तकुंड को खतरा उत्पन्न हो गया है। बदरीनाथ महायोजना मास्टर प्लान के तहत नदी के दोनों ओर हुए कार्यों से भी ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड के नीचे तक अलकनंदा बेहद संकरी हो गई है। अब नदी का बहाव भी तप्तकुंड की ओर हो गया है जिससे यहां पुरानी सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। कुबेर देवरा समिति के अध्यक्ष उत्तम मेहता और सचिव रामनारायण भंडारी का कहना है कि अलकनंदा के बढ़ते जलस्तर से तप्तकुंड परिसर को खतरा बना हुआ है। प्रशासन को इस समस्या का समाधान जल्द कराना चाहिए। इधर उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि इस संबंध में पीआईयू के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
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