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ज्योतिर्मठ में 25 से शुरू होगा स्वर्ण ज्योति महा महोत्सव
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चमोली जिले में स्थित ज्योतिर्मठ में 25 दिसंबर से तीन दिवसीय स्वर्ण ज्योति महा महोत्सव का आयोजन होगा। देेश-विदेश के सनातन धर्मावलंबियों का ध्यान ज्योतिर्मठ की ओर आकर्षित करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव का संचालन ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से किया जाएगा।
गोपेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश के चार मठों में ज्योतिर्मठ अग्रणी है। देेश-विदेश के सनातन धर्मावलंबियों का ध्यान ज्योतिर्मठ की ओर आकर्षित करने के लिए 25 दिसंबर से स्वर्ण ज्योति महा महोत्सव होगा। देश के प्रत्येक प्रदेश में हर माह यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में चारों वेदों का पारायण, आचार्य पूजन, आदि गुरु शंकराचार्य, ज्योर्तिमठ के प्रथम आचार्य टोटकाचार्य का पूजन व रुद्राभिषेक किया जाएगा। साथ ही विष्णुप्रयाग में गंगा आरती और पूजा की जाएगी। महोत्सव के सफल संचालन के लिए एक आयोजन समिति भी बनाई गई है, जिसमें बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, जयराम आश्रम हरिद्वार के ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, मातृसदन हरिद्वार के स्वामी शिवानंद सरस्वती, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित सुरेश सेमवाल, देवस्थानम बोर्ड के सीईओ बीडी सिंह, श्रीनिवास पोस्ती, डा. बृजेश सती और पंडित राजेश सेमवाल आदि को शामिल किया गया है।
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गोपेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश के चार मठों में ज्योतिर्मठ अग्रणी है। देेश-विदेश के सनातन धर्मावलंबियों का ध्यान ज्योतिर्मठ की ओर आकर्षित करने के लिए 25 दिसंबर से स्वर्ण ज्योति महा महोत्सव होगा। देश के प्रत्येक प्रदेश में हर माह यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में चारों वेदों का पारायण, आचार्य पूजन, आदि गुरु शंकराचार्य, ज्योर्तिमठ के प्रथम आचार्य टोटकाचार्य का पूजन व रुद्राभिषेक किया जाएगा। साथ ही विष्णुप्रयाग में गंगा आरती और पूजा की जाएगी। महोत्सव के सफल संचालन के लिए एक आयोजन समिति भी बनाई गई है, जिसमें बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, जयराम आश्रम हरिद्वार के ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, मातृसदन हरिद्वार के स्वामी शिवानंद सरस्वती, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित सुरेश सेमवाल, देवस्थानम बोर्ड के सीईओ बीडी सिंह, श्रीनिवास पोस्ती, डा. बृजेश सती और पंडित राजेश सेमवाल आदि को शामिल किया गया है।
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