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Chamoli News: चटवापीपल में दलदल, रेंग रहे वाहन, छह किमी जाम में फंसे 600 से अधिक वाहन

Tue, 17 Sep 2024 07:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Tue, 17 Sep 2024 07:00 PM IST
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Swamp in Chatvapeepal, vehicles crawling, more than 600 vehicles stuck in six km jam
कर्णप्रयाग में बदरीनाथ हाईवे के चटवापीपल भूस्खलन जोन में वाहन निकालने के लिए दल दल में लाइन लगा
फोटो
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बदरीनाथ हाइवे पर चटवापीपल में भूस्खलन जोन बना नासूर
जेसीबी नहीं चलने से यात्रियों ने स्वयं किया पत्थरों का भरान
कुछ समय सुचारु हुई हाईवे तीन घंटे तक फिर हो गया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में भूस्खलन जोन नासूर बन गया है। पिछले दो दिनों में यहां घंटों हाईवे बंद हो रहा है और वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। मंगलवार को भी सुबह छह बजे से ही यहां वाहन फंसे रहे जिस कारण हाइवे के दोनों ओर 6 किमी लंबा जाम लगा रहा और 600 से अधिक वाहनों में लोग व यात्री फंसे रहे। हालांकि पुलिस के जवान यहां व्यवस्था बना रहे थे लेकिन जेसीबी नहीं चलने पर यात्री स्वयं ही यहां पत्थरों का भरान करने लगे। करीब आठ बजे एसडीएम मौके पर पहुंचे और काम तेजी से करवाया। साथ ही यात्रियों को पानी और खाने के पैकेट बांटे। इसके बाद वाहन वैकल्पिक मार्गाें से भेजे और पूर्वाह्न 11 बजे हाईवे खोला जा सका। इसके बाद हाईवे डेढ़ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक फिर बंद हो गया।
बदरीनाथ हाइवे पर कर्णप्रयाग और गौचर के पास चटवापीपल पेट्रोल पंप के नजदीक पहाड़ी से भूस्खलन और चूना पत्थर गिर रहे हैं। इस कारण यहां सड़क संकरी होने के साथ ही दलदल हो गया है। मंगलवार को यहां सुबह मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले वाहन रवाना किए गए लेकिन कुछ वाहन निकलने के बाद यहां एक बस फंस गई। कुछ देर बाद बस निकाली गई जिसके बाद यहां यात्रियों ने यहां पत्थरों का भरान किया। इसके बाद वाहन गए लेकिन कुछ समय बाद यहां एक टेम्पो ट्रेवलर फंस गया जिससे यहां हाइवे के दोनों ओर करीब 6 किमी तक जाम लगा है। यही नहीं यहां वाहन निकालना किसी जोखिम से कम नहीं था। धीरे-धीरे भूस्खलन जोन में गाड़ियां फिसलती हुई निकल रही थीं। इधर पुलिस के जवान व्यवस्था बनाने में जुटे रहे लेकिन सारा मलबा नहीं हटने से दिक्कतें बनी रहीं। कई बड़े वाहन यहां मंगलवार तड़के से ही फंसे हैं। वहीं एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि हाइवे सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। थानाध्यक्ष डीएस रावत ने बताया कि फिलहाल छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग पोखरी पुल-खाल-सरमोला-बमोथ-रानौ-भट्टनगर-गौचर होते हुए रुद्रप्रयाग रवाना किया गया। बड़े वाहनों को पोखरी-सतेराखाल होते हुए रुद्रप्रयाग भेजा।
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पर्थाडीप में तीन घंटे तक बंद रहा हाईवे

चमोली। बदरीनाथ हाईवे मंगलवार को पर्थाडीप में करीब तीन घंटे तक बंद रहा। सोमवार रात को यहां भूस्खलन क्षेत्र में रसोई गैस सिलिंडर से भरा ट्रक दलदल में फंस गया। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो यहां ट्रक फंसा होने से हाईवे के दोनोें ओर से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन ने एनएचआईडीसीएल को दी जिसके बाद हाईवे से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। इसके बाद भी ट्रक आगे नहीं बढ़ पाया तो पोकलेन मशीन से ट्रक को हटाया गया। तब जाकर सुबह आठ बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। हालांकि इसके बाद भी पहाड़ी से मलबा आने के कारण बार-बार हाईवे बंद होता रहा। संवाद
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पर्थाडीप : आस्था पथ पर तकलीफ झेल रहे तीर्थयात्री

दूसरा सिरोहबगड़ बनता जा रहा यह क्षेत्र, पहाड़ी से गिर रहा मलबा, नीचे है खाई
40 मीटर हिस्से में दरक रही पहाड़ी, 25 साल बाद यहां फिर सक्रिय हुआ भूस्खलन
प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के आस्था पथ बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग के समीप पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र दूसरा सिरोहबगड़ बनता जा रहा है। यहां 40 मीटर हिस्से में चीड़ के पेड़ों के साथ पहाड़ी दरक रही है जिससे बार-बार हाईवे बंद हो रहा है। यहां 25 साल बाद भूस्खलन फिर से सक्रिय हुआ है।

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को नंदप्रयाग में पहुंचते ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नंदप्रयाग बाजार से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र में चीड़ के पेड़ अधिक हैं। बताते हैं कि वर्ष 1999 में पर्थाडीप की पहाड़ी के निचले हिस्से से भूस्खलन शुरू हुआ था। यहां कच्चे पहाड़ हैं ऐसे में थोड़ी बारिश होने पर भी मिट्टी खिसक रही है। वर्ष 2013 तक पर्थाडीप में भूस्खलन यातायात के लिए बाधक बना रहा। केदारनाथ आपदा के बाद बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की ओर से पहाड़ी से छेड़छाड़ किए बिना यहां सुरक्षा दीवार का निर्माण किया, जिससे भूस्खलन थम गया। वर्ष 2022 में ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के दौरान यहां फिर से भूस्खलन शुरू हो गया जो अब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। संवाद



इंसेट
30 दिन में 19 दिन रहा बंद
गोपेश्वर। पर्थाडीप में बदरीनाथ हाईवे 30 दिन में से 19 दिन बाधित रहा। इस दौरान बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने फजीहत झेली। अभी यहां हाईवे के किनारे भारी मात्रा में मलबा पसरा है। पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी, नरेंद्र कठैत आदि ने कहा कि पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र को सुचारु रखने के लिए आधुनिक मशीनों को लगाने, मलबे का अतिशीघ्र डंपिंग जोन में निस्तारण करने की मांग उठाई है। संवाद
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