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Chamoli News: आईटीबीपी में स्थानीय सब्जी की सप्लाई शुरू
Fri, 08 May 2026 06:30 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 08 May 2026 06:30 PM IST
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फोटो
ज्योतिर्मठ। स्थानीय काश्तकारों के खेतों में उगने वाली जैविक सब्जी की आईटीबीपी में सप्लाई शुरू हो गई है। शुक्रवार को सब्जी की पहली खेप भेजी गई।
स्थानीय काश्तकारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तराखंड औद्योगिक परिषद ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के साथ एक अप्रैल को अनुबंध किया है। इसके तहत काश्तकार अपने खेतों में उगने वाली सब्जी की सप्लाई सीधे आईटीबीपी को कर सकेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर किए गए इस अनुबंध के तहत शुक्रवार को ज्योतिर्मठ के बड़ागांव के भद्रेश्वर कृषक उत्पादक संगठन ने सब्जी की पहली खेप आईटीबीपी को भेजी। एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ट ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक सोमेश भंडारी ने बताया कि इस अनुबंध से काश्तकारों को सब्जी बेचने के लिए बाजारों में निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शुक्रवार को 50 किलो मटर, 50 किलो राई, आठ किलो लहसुन, पांच किलो हरा धनिया, पांच किलो चुकंदर की सप्लाई की है। इससे काश्तकारों को नौ हजार की आय प्राप्त हुई है। काश्तकार मोहन सिंह कम्दी, सुखदेव सिंह का कहना है कि सरकार की यह पहल सराहनीय है।
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ज्योतिर्मठ। स्थानीय काश्तकारों के खेतों में उगने वाली जैविक सब्जी की आईटीबीपी में सप्लाई शुरू हो गई है। शुक्रवार को सब्जी की पहली खेप भेजी गई।
स्थानीय काश्तकारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तराखंड औद्योगिक परिषद ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के साथ एक अप्रैल को अनुबंध किया है। इसके तहत काश्तकार अपने खेतों में उगने वाली सब्जी की सप्लाई सीधे आईटीबीपी को कर सकेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर किए गए इस अनुबंध के तहत शुक्रवार को ज्योतिर्मठ के बड़ागांव के भद्रेश्वर कृषक उत्पादक संगठन ने सब्जी की पहली खेप आईटीबीपी को भेजी। एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ट ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक सोमेश भंडारी ने बताया कि इस अनुबंध से काश्तकारों को सब्जी बेचने के लिए बाजारों में निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शुक्रवार को 50 किलो मटर, 50 किलो राई, आठ किलो लहसुन, पांच किलो हरा धनिया, पांच किलो चुकंदर की सप्लाई की है। इससे काश्तकारों को नौ हजार की आय प्राप्त हुई है। काश्तकार मोहन सिंह कम्दी, सुखदेव सिंह का कहना है कि सरकार की यह पहल सराहनीय है।
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