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स्पीकर ने विस सत्र की तैयारियों का जायजा लिया
ब्यूरो/अमर उजाला कर्णप्रयाग
Updated Tue, 30 Aug 2016 10:50 PM IST
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Speaker
- फोटो : amarujala
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सितंबर माह में प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र की तैयारियों को दस दिन में पूरी करने के निर्देश विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दिए हैं। प्रदेश की तीसरी विधानसभा का अंतिम सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैंण में सरकार ने प्रस्तावित किया है।
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विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल ने मंगलवार को भराड़ीसैंण पहुंचकर जिला प्रशासन और विधानसभा परिसर के निर्माण कार्यों में लगी एनबीसीसी कंपनी के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को 10 सितंबर तक विधानसभा हाल, अधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों के आवास सहित बिजली, पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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हालांकि मुख्य भवन के पूरी तरह तैयार न होने की दशा में सदन संचालन के लिए भवन के तैयार हिस्से में अस्थायी सदन बनाने को उन्होंने कहा है। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, संसदीय कार्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के लिए भी कार्यालय कक्ष बनाने और पिछले साल नवंबर में आयोजित सत्र के दौरान तैयार विधायक आवासों की साफ सफाई सहित अन्य जरूरी कार्य पूरे करने के भी निर्देश दिए।
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बता दें कि नवंबर 2015 के सत्र के दौरान विधायक, मुख्यमंत्री आदि के रात्रि विश्राम के लिए एनबीसीसी ने आनन-फानन में विधायकों के 60 निवास तैयार किए थे। इस दौरान जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, एसडीएम गैरसैंण स्मृता परमार, एनबीसीसी के ओपी बहुगुणा और प्रियांशु प्रियदर्शी, व्यवस्था अधिकारी गिरधर बहुगुणा आदि लोग मौजूद थे।
13-14 या 30 सितंबर के बाद होगा सत्र
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र की तिथि अभी तय नहीं हुई है। 15 सितंबर से श्राद्घ शुरू होने के चलते सत्र का आयोजन सरकार नहीं करेगी। अनौपचारिक बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने 13 और 14 सितंबर को दो दिवसीय सत्र के आयोजन की संभावना जताई, लेकिन यदि किन्हीं कारणवश 13 और 14 को सत्र नहीं होता है तो उस दशा में श्राद्घ पक्ष के बाद ही सरकार सत्र का आयोजन कर सकेगी। ब्यूरो
पूर्ववर्ती सरकारों ने गैरसैंण के लिए कुछ नहीं किया : कुंजवाल
अभी तक गैरसैंण राजधानी की जोरदार वकालत करने वाले विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस बार राजधानी के सवाल को जनता के पाले में डाल दिया। उन्होंने कहा कि पहले गैरसैंण और भराड़ीसैंण में विधानसभा से संबधित निर्माण कार्य पूरे होने के साथ ही राजधानी की सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित हो जाएं। फिर सभी राजनीतिक दल और जनता राजधानी गैरसैंण को लेकर एकजुट हो जाएं तो सरकार को मजबूरन गैरसैंण राजधानी घोषित करनी होगी।
स्पीकर कुंजवाल ने कहा गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए वर्तमान सरकार ने यहां सुविधाएं जुटाने के साथ ही विधानसभा के दो सत्र और कैबिनेट बैठक यहां आयोजित की हैं, जो कि पूर्ववर्ती सरकारें नहीं कर पाई। गैरसैंण जिले के सवाल पर उन्होंने कहा कि गैरसैंण में आज सभी ढांचागत सुविधाएं स्थापित हो रही है।
यहां यदि लोगों की मांग जिला बनाने की है तो निश्चित ही गैरसैंण को जिला बनना चाहिए। सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र पहाड़ के विकास का रोड मैप तैयार करेगा।
एनबीसीसी को पैसे का इंतजार
भले ही सरकार भराड़ीसैंण में सत्र आयोजित करने की तैयारी कर रही हो, लेकिन सत्र के लिए विधान भवन और अन्य निर्माण कार्यों को पूरा करना सरकार और निर्माणदायी कंपनी के लिए चुनौती साबित होगा।
निर्माणदायी संस्था एनबीसीसी के ओपी बहुगुणा और प्रियांशु प्रियदर्शी ने कहा कि निर्माण के लिए करीब 54 करोड़ का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में सत्र से पहले निर्माण पूरा करना चुनौती है।
इधर मामले में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि संस्था के इस्टीमेट देरी से भेजने की वजह से बजट स्वीकृत नहीं हो पाया। अब अनुपूरक बजट में इसका प्रावधान किया जाएगा। सत्र तो हर हाल में भराड़ीसैंण में ही आयोजित जाएगा। ब्यूरो