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मोमबत्ती के सहारे गुजरी शंकराचार्य की रात
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Sun, 24 May 2015 10:39 PM IST
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शारदा और ज्योर्ति (ज्योतिष) पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को बद्रिकाश्रम क्षेत्र में पहुंचते ही अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।
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शनिवार को देर शाम चले आंधी-तूफान से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से चमोली और आसपास का क्षेत्र अंधकार में डूब गया। शंकराचार्य ने भी मोमबत्ती के उजाले में रात गुजारी।
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शंकराचार्य के शिष्यों में इस बात को लेकर आक्रोश था कि बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य को जिला प्रशासन ने कोई तबज्जो नहीं दी। बीते वर्षों तक शंकराचार्य प्रोटोकॉल के साथ मठ में आते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
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शंकराचार्य के शिष्य प्रदीप का कहना है कि चमोली में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के गेस्ट हाउस में शंकराचार्य जी के आने से पहले से ही बिजली गुल थी। उनके पहुंचने की सूचना के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। ब्यूरो