एसएफआई गोपेश्वर इकाई ने कृषि कानून के विरोध में और किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। गोपेश्वर बस स्टेशन तिराहे पर प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने कहा कि सरकार इस कानून को कॉरपोरेट को लाभ पहुंचाने के लिए लाई है। सरकार को कॉरपोरेट के बजाय किसानों की सुनते हुए इस कानून को वापस लेना चाहिए। कहा कि आज देश का अन्नदाता सड़कों पर है। सरकार जिनके लिए इस कानून को लाभदायक बता रही है उनको ही यह मंजूर नहीं है। प्रदर्शन करने वालों में एसएफआई के राज्य अध्यक्ष नितिन मलेठा, आनंद, अमन, शैलेंद्र, रीना, धीरज और आशुतोष आदि मौजूद रहे।
पौड़ी में किसानों के आंदोलन के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों ने धरना दिया। इस दौरान केंद्र सरकार से नए कृषि कानूनों को जल्द वापस लेने की मांग की गई। डीएम कार्यालय के बाहर धरना देते हुए अखिल भारतीय किसान सभा, आम आदमी पार्टी, संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति ने धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों से किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार किसानों की सुध लेने को तैयार नहीं है। धरना देेने वालों में आप पार्टी के विजय मोहन रावत, किसान मोर्चा के संयोजक सुरेंद्र रावत, माकपा माले के भार्गव चंदोला, विनोद चमोली आदि शामिल थे।