नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण एक नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इससे गुस्सा परिजनों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में हंगामा किया और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की।
डुंगरी गांव की ज्योतिका (30) पत्नी भास्करानंद सिरस्वाल को नौ जून को प्रसव के लिए सीएचसी गैरसैंण में भर्ती कराया गया। ज्योतिका के ससुर सुरेशा नंद सिरस्वाल ने बताया कि सीएचसी गैरसैंण में कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शालिनी ने 10 जून रात को स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत अपने पति डा. बीके बघेल से ज्योतिका का प्रसव करवाया था।
ज्योतिका ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया था, लेकिन चिकित्सकों की ओर से नवजात बच्चे की देखरेख में लापरवाही बरतने से रात को ही शिशु की मृत्यु हो गई। चिकित्सकों की इस लापरवाह कार्य प्रणाली से गुस्साए ज्योतिका के परिजनों ने सीएचसी परिसर में हंगामा किया और शासन तथा प्रशासन से दोषी चिकित्सकों पर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर महेशानंद सिरस्वाल, राजेंद्र प्रसाद, मोहन प्रसाद, सुरेंद्र सिंह खत्री आदि मौजूद थे।
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. एके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।