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प्रवासियों के घर आने से संक्रमण का खतरा
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coronavirus
- फोटो : web
सरकार की ओर से प्रवासी लोगों को घर वापस भेजने से ग्रीन जोन में आने वाले जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी दहशत है। स्थानीय प्रशासन उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में रखने में असमर्थ है। वे सीधे घरों को भेजे जाएंगे। इससे लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर भय है।
चमोली में अभी तक कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन जिस प्रकार से सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई व राजस्थान रेड जोन से प्रवासियों को घर भेजने का फैसला लिया है, उससे यहां भी कोरोना महामारी फैलने के डर से लोगों की नींद उड़ गई है। थराली के विभिन्न गांवों में भी कई लोग इन रेड जोन से घर आने वाले हैं और सोमवार को उत्तराखंड परिवहन की बस से कई लोग यहां भी पहुंच रहे हैं। देहरादून में केवल इन लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। इससे यह पता कदापि नहीं चल पाता है कि कौन व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। इस संदर्भ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी ने बताया कि यहां पर सिर्फ 20 लोगों के क्वारंटीन की सुविधा है। अधिक संख्या में यदि रेड जोन से यहां लोग आएंगे तो हम उन्हें संस्थागत क्वारंटीन नहीं कर पाएंगे। वहीं थराली के एसडीएम का भी मानना है कि यहां पर संस्थागत क्वारंटीन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अच्छा होता यदि घर आने वालों को पहले क्वारंटीन किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि क्वारंटीन का पालन नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध एफआरआई दर्ज की जाएगी।
इंटर कॉलेज और पर्यटक गृहों को बनाएं क्वारंटीन सेंटर
थराली। सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को मिलकर यहां के इंटर कॉलेजों, पर्यटक गृहों एवं निजी होटलों को अधिकृत कर इन्हें क्वारंटीन सेंटर बनाया जा सकता है। यहां पर रेड जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को 14 दिन क्वारंटीन किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपने निजी खर्चे में होटल में अलग कमरा लेना चाहिए तो उसे यह विकल्प भी दिया जा सकता है।
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होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चमोली जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासियों को चमोली जिले में लाने की व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि रविवार रात को करीब 1000 लोगों के गौचर पहुंचने की संभावना है। जहां पर डॉक्टरों उनकी स्क्रीनिंग करेंगे। घर भेजने के बाद वे होम क्वारंटीन में रहेंगे। अगर कोई होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करेगा तो उस पर धारा 188 की कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को डीएम और एसपी ने स्वयं गौचर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नायब तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गौचर में प्रवासियों के पहुंचने पर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। अगर किसी में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसको वहीं क्वारंटीन कर दिया जाएगा। उसके बाद अन्य लोगों को वहां से बसों में उनके गंतव्यों तक पहुंचा दिया जाएगा। वहां उनको होम क्वारंटीन में रहना पड़ेगा।
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चमोली में अभी तक कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन जिस प्रकार से सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई व राजस्थान रेड जोन से प्रवासियों को घर भेजने का फैसला लिया है, उससे यहां भी कोरोना महामारी फैलने के डर से लोगों की नींद उड़ गई है। थराली के विभिन्न गांवों में भी कई लोग इन रेड जोन से घर आने वाले हैं और सोमवार को उत्तराखंड परिवहन की बस से कई लोग यहां भी पहुंच रहे हैं। देहरादून में केवल इन लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। इससे यह पता कदापि नहीं चल पाता है कि कौन व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। इस संदर्भ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी ने बताया कि यहां पर सिर्फ 20 लोगों के क्वारंटीन की सुविधा है। अधिक संख्या में यदि रेड जोन से यहां लोग आएंगे तो हम उन्हें संस्थागत क्वारंटीन नहीं कर पाएंगे। वहीं थराली के एसडीएम का भी मानना है कि यहां पर संस्थागत क्वारंटीन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अच्छा होता यदि घर आने वालों को पहले क्वारंटीन किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि क्वारंटीन का पालन नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध एफआरआई दर्ज की जाएगी।
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इंटर कॉलेज और पर्यटक गृहों को बनाएं क्वारंटीन सेंटर
थराली। सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को मिलकर यहां के इंटर कॉलेजों, पर्यटक गृहों एवं निजी होटलों को अधिकृत कर इन्हें क्वारंटीन सेंटर बनाया जा सकता है। यहां पर रेड जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को 14 दिन क्वारंटीन किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपने निजी खर्चे में होटल में अलग कमरा लेना चाहिए तो उसे यह विकल्प भी दिया जा सकता है।
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होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चमोली जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासियों को चमोली जिले में लाने की व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि रविवार रात को करीब 1000 लोगों के गौचर पहुंचने की संभावना है। जहां पर डॉक्टरों उनकी स्क्रीनिंग करेंगे। घर भेजने के बाद वे होम क्वारंटीन में रहेंगे। अगर कोई होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करेगा तो उस पर धारा 188 की कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को डीएम और एसपी ने स्वयं गौचर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नायब तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गौचर में प्रवासियों के पहुंचने पर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। अगर किसी में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसको वहीं क्वारंटीन कर दिया जाएगा। उसके बाद अन्य लोगों को वहां से बसों में उनके गंतव्यों तक पहुंचा दिया जाएगा। वहां उनको होम क्वारंटीन में रहना पड़ेगा।