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Chamoli News: शोध, कौशल व व्यवहारिक ज्ञान नई शिक्षा नीति की प्राथमिकता
Sat, 28 Feb 2026 05:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 28 Feb 2026 05:13 PM IST
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पीजी कॉलेज में आयोजित किया गया एक दिवसीय व्याख्यान
गोपेश्वर। पीजी कॉलेज गोपेश्वर में अंग्रेजी विभाग की ओर से शोध प्रबंधन एवं परियोजना लेखन विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने विषय पर विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज में नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप परियोजना कार्य और शोध प्रबंधन की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए इस व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. विश्वनाथ राणा और डॉ. रोहिताश थपलियाल ने अपने व्याख्यान में नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए परियोजना कार्य और शोध प्रबंधन की अनिवार्यता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में शोध आधारित शिक्षा, कौशल विकास, समालोचनात्मक चिंतन और व्यवहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी गई है। विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य को मौलिकता, तार्किकता और शैक्षणिक इमानदारी के साथ पूर्ण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अकादमिक लेखन में रोजगार की असीम संभवनाएं हैं। कार्यक्रम संयोजक अंग्रेजी विभाग प्रभारी डॉ. डीएस नेगी ने कहा कि ऐसे व्याख्यान शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे। इस दौरान डॉ. आरके चंद्रियाल, डॉ. डीएस पंवार, मोहित कोठियाल, अंग्रेजी परिषद अध्यक्ष प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे।
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गोपेश्वर। पीजी कॉलेज गोपेश्वर में अंग्रेजी विभाग की ओर से शोध प्रबंधन एवं परियोजना लेखन विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने विषय पर विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज में नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप परियोजना कार्य और शोध प्रबंधन की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए इस व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. विश्वनाथ राणा और डॉ. रोहिताश थपलियाल ने अपने व्याख्यान में नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए परियोजना कार्य और शोध प्रबंधन की अनिवार्यता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में शोध आधारित शिक्षा, कौशल विकास, समालोचनात्मक चिंतन और व्यवहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी गई है। विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य को मौलिकता, तार्किकता और शैक्षणिक इमानदारी के साथ पूर्ण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अकादमिक लेखन में रोजगार की असीम संभवनाएं हैं। कार्यक्रम संयोजक अंग्रेजी विभाग प्रभारी डॉ. डीएस नेगी ने कहा कि ऐसे व्याख्यान शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे। इस दौरान डॉ. आरके चंद्रियाल, डॉ. डीएस पंवार, मोहित कोठियाल, अंग्रेजी परिषद अध्यक्ष प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे।