क्षेत्र पंचायत घाट की त्रैमासिक बैठक में क्षेत्र में बदहाल सड़कों के मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। सदन में ग्राम प्रधानों ने ब्लाक घाट का नाम बदलकर नंदानगर करने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया। साथ ही ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान की मांग भी सदन में रखी।
बुधवार सुबह 11 बजे से ब्लाक सभागार में ब्लॉक प्रमुख भारती देवी की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। प्रमुख ने सभी ग्राम प्रधानों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में रखने की अपील की। प्रमुख ने घाट मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अक्सर 108 सेवा खराब रहती है, जिससे जनता को इस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रधान मटई प्रभात पुरोहित ने कहा कि जीआईसी मटई में शिक्षकों की कमी है। प्रधान संघ के अध्यक्ष लखपत सिंह और क्षेत्र पंचायत हरीश रावत ने जीआईसी चौनघाट में शिक्षकों की कमी दूर करने और एनसीसी का संचालन शुरू करने, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश रावत ने सीएचसी घाट में बंद पड़ी एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन के जल्द संचालन, घाट-नंदप्रयाग सड़क की दुर्दशा सुधारने आदि की मांग उठाई। ब्लॉक प्रमुख ने घाट बाजार में लक्ष्मी मार्केट से बस स्टेशन तक चल रहे सुधारीकरण कार्य में कार्यदायी संस्था पर मनमानी का आरोप लगाया। बैठक में एसडीएम अभिनव शाह ने समस्त अधिकारियों को बैठक में उठी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संचालन खंड विकास अधिकारी रमेश चंद्र ने किया।