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परियोजना प्रभावितों ने खुद पर छिड़का डीजल
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विष्णुगाड परियोजना के पावर हाउस साइड मकानों के ध्वस्तीकरण के विरोध में अपने ऊपर डीजल छिड़कता प्?
- फोटो : GOPESHWAR
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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित हाट गांव में आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची तहसील की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, हाट गांव के नव युवक मंगल दल अध्यक्ष अमित गैरोला, सागर व दो अन्य महिलाओं ने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिस के बीच बचाव करने पर अनहोनी टल गई। विरोध के बीच टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
प्रशासन ने आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। हालांकि, लोग विस्थापन के लिए चयनित स्थान तक सड़क निर्माण, पानी की समुचित व्यवस्था, पैदल रास्ते के निर्माण की मांग पर अड़े हुए थे। 14 अगस्त को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम चमोली अभिनव शाह, टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक संदीप गुप्ता और वरिष्ठ प्रबंधक गणेश भट्ट का ग्रामीणों ने घेराव किया था।
शुक्रवार को तहसील टीम मजदूरों के साथ फिर गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इस बीच ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल के साथ ही अन्य लोगों ने अपने ऊपर डीजल छिड़का तो वहां अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उनके हाथ से डीजल का डिब्बा छीन लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
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हाट गांव के ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने कहा कि वर्ष 2009 में टीएचडीसी के साथ ग्रामीणों का समझौता हुआ था। इसमें मठ मंदिरों के संरक्षण, धसवाणा तोक में सड़क निर्माण, परियोजना का कार्य पूरा होने तक चारा पत्ती का लाभ देने, परियोजना निर्माण कार्य में हाट गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार, जल, जंगल, जमीन के सीमांकन, विस्थापन के चयनित स्थान पर बिजली व सड़क की सुविधा, विधवाओं को पेंशन तथा 200 यूनिट फ्री बिजली देने पर सहमति बनी थी। इनमें से अभी तक कोई भी मांग पूरी नहीं हो पाई है। प्रभावितों के विरोध के बाद प्रशासन और टीएचडीसी की टीम मौके से लौट गई। इस दौरान वन सरपंच सोहन कुमार, मयंक, राजेंद्र प्रसाद, दर्वदा देवी, सुमन कुमार, भावना देवी, सुंदरा देवी, संतोष सती, प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
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प्रभावितों से वार्ता की जाएगी। विरोध के कारण तहसील की टीम लौट आई थी। अब टीएचडीसी की ओर से प्रभावितों के साथ प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता की जाएगी। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव शाह संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम, चमोली।
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प्रशासन ने आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। हालांकि, लोग विस्थापन के लिए चयनित स्थान तक सड़क निर्माण, पानी की समुचित व्यवस्था, पैदल रास्ते के निर्माण की मांग पर अड़े हुए थे। 14 अगस्त को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम चमोली अभिनव शाह, टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक संदीप गुप्ता और वरिष्ठ प्रबंधक गणेश भट्ट का ग्रामीणों ने घेराव किया था।
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शुक्रवार को तहसील टीम मजदूरों के साथ फिर गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इस बीच ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल के साथ ही अन्य लोगों ने अपने ऊपर डीजल छिड़का तो वहां अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उनके हाथ से डीजल का डिब्बा छीन लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
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हाट गांव के ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने कहा कि वर्ष 2009 में टीएचडीसी के साथ ग्रामीणों का समझौता हुआ था। इसमें मठ मंदिरों के संरक्षण, धसवाणा तोक में सड़क निर्माण, परियोजना का कार्य पूरा होने तक चारा पत्ती का लाभ देने, परियोजना निर्माण कार्य में हाट गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार, जल, जंगल, जमीन के सीमांकन, विस्थापन के चयनित स्थान पर बिजली व सड़क की सुविधा, विधवाओं को पेंशन तथा 200 यूनिट फ्री बिजली देने पर सहमति बनी थी। इनमें से अभी तक कोई भी मांग पूरी नहीं हो पाई है। प्रभावितों के विरोध के बाद प्रशासन और टीएचडीसी की टीम मौके से लौट गई। इस दौरान वन सरपंच सोहन कुमार, मयंक, राजेंद्र प्रसाद, दर्वदा देवी, सुमन कुमार, भावना देवी, सुंदरा देवी, संतोष सती, प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
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प्रभावितों से वार्ता की जाएगी। विरोध के कारण तहसील की टीम लौट आई थी। अब टीएचडीसी की ओर से प्रभावितों के साथ प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता की जाएगी। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव शाह संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम, चमोली।