फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Procession taken out with Dhol Damaun, option papers returned to administration

Chamoli News: ढोल दमाऊं के साथ निकाला जुलूस, प्रशासन को लौटाए विकल्प पत्र

Thu, 29 Feb 2024 07:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Thu, 29 Feb 2024 07:40 PM IST
विज्ञापन
Procession taken out with Dhol Damaun, option papers returned to administration
फोटो
विज्ञापन

जोशीमठ के आपदा प्रभावित बोले, अपनी जमीन छोड़कर नहीं जाएंगे बाहर
विकल्प पत्र को बताया आधा अधूरा, कहा जोशीमठ के आसपास ही बसाए जाएं प्रभावित

संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। नगर के भू-धंसाव प्रभावितों ने ढोल-दमाऊं के साथ जुलूस निकाला और तहसील पहुंचकर सरकार की ओर से विस्थापन के लिए दिए गए विकल्प पत्रों को प्रशासन को लौटा दिए। प्रभावितों ने वैज्ञानिकों की रिपोर्ट पर भी असंतुष्टि जताई। कहा कि जोशीमठ से उनका व्यावसायिक, सामाजिक, धार्मिक जुड़ाव है, इसलिए वह जोशीमठ को छोड़कर दूसरी जगह नहीं जाएंगे। उन्होंने नगर में हो रही निर्माण कार्य पर रोक लगाने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को नगर में आपदा प्रभावित बदरीनाथ स्टैंड पर एकत्रित हुए। इसके बाद ढोल दमाऊं के साथ उन्होंने विशाल जुलूस निकाला और प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर पहुंचकर प्रशासन को विकल्प पत्र बिना भरे ही लौटा दिए। इसके बाद वह धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि आधे अधूरे विकल्प पत्रों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन भी भेजा। कहा कि नगर के मूल निवासियों व पुश्तैनी निवासियों की प्रभावित क्षेत्र के अलावा मारवाड़ी, सुनील, गौख, औली, होसी, मनोटी तक निजी भूमि, गोशाला, देवालय, मठ मंदिर हैं। इस जगह से उनका कई पीढि़यों से जुड़ाव है। ऐसे में वह अपनी भूमि को छोड़कर दूसरी जगह नहीं जाना चाहते। उन्हें जोशीमठ के आसपास ही बसाया जाए। इसलिए जोशीमठ का जल्द से जल्द ट्रीटमेंट शुरू किया जाए।
विज्ञापन

साथ ही उन्होंने भू सर्वेक्षण को लेकर वैज्ञानिकों की रिपोर्ट पर भी असंतुष्टि जताई। कहा कि ऐसा कैसे हो गया कि सरकारी भवन, सेना, आईटीबीपी, एनटीपीसी के भवनों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है जबकि आवासीय भवनों को उच्च जोखिम में रखा गया है। जबकि सभी भवन आसपास बसे हुए हैं। आपदा के बाद से नगर में सभी तरह के निर्माण कार्य पर रोक है, उसके बावजूद यहां धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। रैली में समीर डिमरी, भुवन चंद्र उनियाल, ऋषि प्रसाद सती, सुभाष डिमरी, प्रकाश नेगी, भगवती प्रसाद नंबूरी, हरेंद्र राणा, रमेश डिमरी, प्रदीप भट्ट और वैभव सकलानी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed