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Chamoli News: चमोली में सोलर प्लांट में खूब दिलचस्पी ले रहे हैं लोग
Sat, 15 Feb 2025 05:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 15 Feb 2025 05:51 PM IST
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प्लांट के लिए उरेडा को मिले 100 आवेदन पत्र, 75 पर काम हुआ शुरू
गोपेश्वर। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए लोग खूब दिलचस्पी ले रहे हैं। चमोली जनपद में उरेडा को करीब 100 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 75 आवेदनों को बैंक ऋण की स्वीकृति मिलने के बाद प्लांट स्थापित करने का काम भी शुरू हो गया है।
सोलर प्लांट स्थापित करने में दशोली विकास खंड सबसे आगे हैं। यहां से 32 लोगों ने प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 20 किलोवाट से लेकर 200 किलोवाट तक के सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्लांटों को स्थापित करने के लिए बैंकों से 50 फीसदी सब्सिडी पर ऋण दिया जा रहा है। विनोद सिंह रावत का कहना है कि सोलर प्लांट स्वरोजगार का मजबूत जरिया है। उन्होंने बताया कि 200 किलोवाट के प्लांट को लगाने के लिए 15 नाली भूमि की आवश्यकता होती है, जबकि 100 किलोवाट के प्लांट को लगाने के लिए साढ़े सात नाली भूमि की जरूरत होती है। एक प्लांट करीब 25 साल तक बिजली का उत्पादन करता है।
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गोपेश्वर। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए लोग खूब दिलचस्पी ले रहे हैं। चमोली जनपद में उरेडा को करीब 100 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 75 आवेदनों को बैंक ऋण की स्वीकृति मिलने के बाद प्लांट स्थापित करने का काम भी शुरू हो गया है।
सोलर प्लांट स्थापित करने में दशोली विकास खंड सबसे आगे हैं। यहां से 32 लोगों ने प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 20 किलोवाट से लेकर 200 किलोवाट तक के सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्लांटों को स्थापित करने के लिए बैंकों से 50 फीसदी सब्सिडी पर ऋण दिया जा रहा है। विनोद सिंह रावत का कहना है कि सोलर प्लांट स्वरोजगार का मजबूत जरिया है। उन्होंने बताया कि 200 किलोवाट के प्लांट को लगाने के लिए 15 नाली भूमि की आवश्यकता होती है, जबकि 100 किलोवाट के प्लांट को लगाने के लिए साढ़े सात नाली भूमि की जरूरत होती है। एक प्लांट करीब 25 साल तक बिजली का उत्पादन करता है।
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