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अब नंदाकिनी घाटी के ग्रामीण भी खौफजदा

Wed, 10 Feb 2021 09:22 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 09:22 PM IST
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Now the villagers of Nandakini valley are also frightened
ऋषि गंगा में आई जल प्रलय के बाद अब नंदाकिनी नदी के किनारे के गांवों में भी खौफ का माहौल हैै। नंदाकिनी नदी में बरसात के दौरान कई बार बाढ़ के हालात बन चुके हैं, जिससे कई जगहों पर नदी के तटबंध टूटे पड़े हैं। ग्रामीणों ने सरकार से नंदाकिनी के उद्गम स्थल के ग्लेशियरों का वैज्ञानिक सर्वे करवाने की मांग की है।
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नंदाकिनी नदी के किनारे मंगरोली, झूलाबगड़, तेफना, नंदप्रयाग, ग्वाला, कांडईपुल, थिरपाक, भोंरीगाड, सेरा, घाट और बांसवाड़ा गांव स्थित हैं। मंगरोली गांव की भुवनेश्वरी देवी, सुशीला देवी और यशोदा देवी का कहना है कि ऋषि गंगा में आई बाढ़ के बाद से नंदाकिनी नदी से भी डर लगने लगा है। नंदाकिनी के उद्गम पर स्थित ग्लेशियरों का भी सर्वे होना चाहिए। पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी का कहना है कि नंदाकिनी में कई बार बरसात में बाढ़ के जैसे हालात बने हैं, जिससे घाट बाजार से लेकर नंदप्रयाग तक नदी के तटबंध टूटे पड़े हैं।
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घाट क्षेत्र के रणजीत फरस्वाण, मंगल सिंह कंडेरी, अब्बल सिंह कंडेरी और दरवान सिंह कंडेरी का कहना है कि समय रहते नंदाकिनी के उद्गम स्थल का भी सर्वे जल्द होना चाहिए। ताकि समस्या का समाधान हो सके। पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट का कहना है कि हिमालय क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। यहां ग्लेशियरों का समय-समय पर अध्ययन होना चाहिए। लोगों को ग्लेशियर सही स्थिति बताई जानी चाहिए, ताकि वे सतर्क रह सके।
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